फर्रुखाबाद: यूनिक ज्वेलर्स मालिक पर नाबालिगों को बंधक बनाने और पीटने का आरोप
फर्रुखाबाद में यूनिक ज्वेलर्स के मालिक पर दो नाबालिगों को चोरी के आरोप में बंधक बनाकर मारपीट करने का गंभीर आरोप लगा है। बच्चों की मां ने एसपी से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।

द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 8 अगस्त 2026
फर्रुखाबाद के कोतवाली फतेहगढ़ क्षेत्र में एक ज्वैलर्स मालिक पर दो नाबालिग भाइयों को दुकान से सामान चोरी करने के आरोप में कथित तौर पर बंधक बनाकर मारपीट करने का गंभीर मामला सामने आया है। बच्चों की मां ने पुलिस अधीक्षक को एक प्रार्थना पत्र सौंपकर अपने बेटों को छुड़ाने और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगाई है।
नवदिया की रहने वाली प्रीति देवी पत्नी राजीव नागर ने अपने आवेदन में बताया है कि उसके दोनों बेटे, 16 वर्षीय आकाश नागर और 14 वर्षीय आयुष नागर, यूनिक ज्वेलर्स नामक दुकान में काम करते थे। प्रीति देवी का आरोप है कि दुकान के मालिक ने दोनों बच्चों पर दुकान से सामान चोरी करने का इल्जाम लगाया। 5 अगस्त की सुबह, आयुष को कथित तौर पर घर से दुकान पर ले जाया गया, जिसके बाद वह घर नहीं लौटा। परिजनों द्वारा तलाश करने पर पता चला कि उसके बड़े बेटे आकाश को भी दुकान मालिक ने कथित तौर पर अपने कब्जे में ले लिया था।
बंधक बनाकर मारपीट और जमीन के बैनामे का दबाव
पीड़िता ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि दुकान मालिक ने दोनों नाबालिग बच्चों के साथ बेरहमी से मारपीट की। इतना ही नहीं, महिला का दावा है कि बच्चों को बंधक बनाने के साथ-साथ उसके परिवार पर जमीन का बैनामा कराने के लिए भी दबाव बनाया जा रहा था। इस गंभीर आरोप के बाद स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
प्रीति देवी ने पुलिस अधीक्षक से तत्काल अपने दोनों बच्चों की बरामदगी सुनिश्चित करने, चोरी के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने और मारपीट करने तथा बंधक बनाने वाले ज्वेलर्स मालिक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
पुलिस की प्रारंभिक जांच और आगे की कार्रवाई
इस मामले पर सीओ सिटी अभय वर्मा ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि चोरी की घटना की सत्यता प्रारंभिक जांच में पाई गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि ज्वेलर्स मालिक द्वारा बच्चों के साथ मारपीट किए जाने की पुष्टि होती है, तो आरोपी के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि सच्चाई सामने आ सके और पीड़ितों को न्याय मिल सके।
