फर्रुखाबाद: राशन की कालाबाजारी, कोटेदार रूपा देवी का अनुबंध निरस्त
फर्रुखाबाद में राशन वितरण में गंभीर अनियमितताओं के बाद पिलखना की कोटेदार रूपा देवी का अनुबंध निरस्त कर दिया गया है। उन पर खाद्यान्न की...

फर्रुखाबाद | संवाददाता: संदीप तिवारी
द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 21 अक्टूबर 2026
फर्रुखाबाद के नवाबगंज विकासखंड के ग्राम पिलखना में सरकारी राशन वितरण में घोर अनियमितताएं सामने आने के बाद जिला पूर्ति विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उचित दर विक्रेता रूपा देवी का अनुबंध तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। विभाग ने इस मामले में कोटेदार रूपा देवी और उनके पुत्र विजय सिंह के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत मेरापुर थाने में प्राथमिकी भी दर्ज कराई है।
जिला पूर्ति अधिकारी द्वारा जारी की गई विज्ञप्ति के अनुसार, रूपा देवी की राशन दुकान को विगत एक जुलाई 2026 को ही निलंबित कर दिया गया था। निलंबन के दौरान लगाए गए आरोपों पर न तो वे कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण दे पाईं और न ही अपने बचाव में कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत कर सकीं। इसके अतिरिक्त, उन पर दुकान से संबद्ध विक्रेता सत्यपाल को अवशेष खाद्यान्न न सौंपने का एक गंभीर आरोप भी लगा है।
खाद्यान्न की कालाबाजारी और हेराफेरी के साक्ष्य मिले
विभागीय जांच के दौरान यह बात पुष्ट हुई कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत आवंटित कुल 50.46 क्विंटल चावल, 14 क्विंटल बाजरा और 33 किलोग्राम चीनी की कालाबाजारी की गई। यह खाद्यान्न अन्यत्र भेजकर अनुचित लाभ कमाने के आरोपों को जांच में सही पाया गया। जिलाधिकारी की ओर से 18 अक्टूबर 2026 को इस दंडात्मक कार्रवाई के लिए अनुमोदन प्राप्त होने के उपरांत यह कदम उठाया गया है।
जिला प्रशासन की सख्त चेतावनी, कोटेदारों पर निगरानी के निर्देश
इस घटना के मद्देनजर, जिला पूर्ति अधिकारी ने जिले के समस्त उचित दर विक्रेताओं को यह स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि वे राशनकार्ड धारकों को नियमानुसार निःशुल्क खाद्यान्न का वितरण सुनिश्चित करें। किसी भी स्तर पर यदि कोई भी अनियमितता पाई जाती है, तो ऐसे कोटेदारों को कठोर विभागीय कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। पूर्ति निरीक्षकों को भी निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में राशन वितरण व्यवस्था की निरंतर और बारीकी से निगरानी करें, ताकि किसी भी नागरिक को जनहित से जुड़ी इस महत्वपूर्ण सुविधा में किसी प्रकार की बाधा का सामना न करना पड़े।
