फर्रुखाबाद पुलिस ने कानपुर से 15 हजार के इनामी गैंगस्टर को दबोचा
फर्रुखाबाद पुलिस ने कानपुर से 15 हजार के इनामी गैंगस्टर रामनरेश को गिरफ्तार किया है। उस पर फर्जी फर्म बनाकर जीएसटी चोरी और धोखाधड़ी का...

फर्रुखाबाद | संवाददाता: संदीप तिवारी
द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 6 अक्टूबर 2026
फर्रुखाबाद जनपद की कायमगंज कोतवाली पुलिस और सर्विलांस टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए कानपुर से 15 हजार रुपये के इनामी गैंगस्टर रामनरेश को गिरफ्तार किया है। रामनरेश पर फर्जी तंबाकू फर्म बनाकर व्यापक स्तर पर जीएसटी चोरी और धोखाधड़ी करने के गंभीर आरोप हैं। वह काफी समय से पुलिस की पकड़ से बचता हुआ फरार चल रहा था, और अपनी पहचान छिपाने के लिए कानपुर के पनकी थाना क्षेत्र की काशीराम कॉलोनी में एक फल के ठेले की आड़ में रह रहा था।
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, रामनरेश मूल रूप से कन्नौज जिले के ठठिया थाना क्षेत्र का रहने वाला है। उसके विरुद्ध वर्ष 2022 और 2023 के दौरान फर्रुखाबाद की कायमगंज कोतवाली में कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज किए गए थे। इन मामलों में फर्जी दस्तावेज तैयार करना, धोखाधड़ी करना और अन्य अवैध गतिविधियों को अंजाम देना शामिल है। इन गंभीर अपराधों को देखते हुए, पुलिस ने उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की थी। वर्ष 2025 में दर्ज किए गए इस गैंगस्टर एक्ट के मामले की विवेचना वर्तमान में मेरापुर थाना पुलिस द्वारा की जा रही है, और इस संबंध में सभी आवश्यक जानकारी संबंधित अधिकारियों के साथ साझा कर दी गई है।
जुबेर गैंग के आठ सदस्यों पर गैंगस्टर एक्ट का मामला
यह गिरफ्तारी 24 दिसंबर 2025 को तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक द्वारा दर्ज कराई गई एक विस्तृत तहरीर से संबंधित आपराधिक मामले की कड़ी का हिस्सा है। पुलिस रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि जुबेर खान को इस गिरोह का मुख्य सरगना माना गया है। रामनरेश सहित कुल आठ लोगों को इस मामले में नामजद किया गया था। इस आपराधिक गिरोह के अन्य प्रमुख सदस्यों में सुखवीर, पुष्पेंद्र, आदेश, मोबिन, तारिफ उर्फ तालिब और पवन मिश्रा जैसे व्यक्तियों के नाम भी शामिल बताए जाते हैं।
फिलहाल, फर्रुखाबाद पुलिस की टीम जुबेर गिरोह के उन सदस्यों की गतिविधियों पर भी कड़ी और सतत निगरानी बनाए हुए है जो अभी भी फरार चल रहे हैं। पुलिस का मुख्य उद्देश्य इन फरार सदस्यों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर उन्हें कानून के कटघरे में लाना है। मुखबिरों से मिली पुख्ता और महत्वपूर्ण सूचना के आधार पर ही पुलिस इस बड़ी गिरफ्तारी को सफलतापूर्वक अंजाम देने में कामयाब रही है। यह गिरफ्तारी जिले में संगठित अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुई है।
