फर्रुखाबाद: प्रसूता और नवजात की मौत के बाद निजी अस्पताल सील
फर्रुखाबाद के एक निजी अस्पताल में प्रसूता और नवजात की मौत के बाद परिजनों के हंगामे के चलते स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल को सील कर...

द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 24 जुलाई 2026
फर्रुखाबाद के थाना कादरी गेट क्षेत्र में स्थित एक निजी अस्पताल में प्रसूता और नवजात शिशु की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद शुक्रवार को जमकर हंगामा हुआ। परिजनों ने उपचार में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर तत्काल कार्रवाई करते हुए अस्पताल को सील कर दिया।
जानकारी के अनुसार, नवाबगंज थाना क्षेत्र के सिरौली नवादा गांव निवासी 22 वर्षीय शिवानी, पत्नी अभिषेक प्रजापति, को गुरुवार शाम प्रसव पीड़ा होने पर आवास विकास कॉलोनी स्थित इस निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शुक्रवार तड़के करीब चार बजे उन्होंने एक कन्या शिशु को जन्म दिया। परिजनों का आरोप है कि जन्म के कुछ समय बाद ही नवजात की मृत्यु हो गई, जिसके बाद शिवानी की तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई।
लापरवाही के आरोप, प्रसूता की भी मौत
आक्रोशित परिजनों का कहना है कि प्रसव के दौरान चिकित्सकों ने आवश्यक सावधानियां नहीं बरतीं और ऑपरेशन के दौरान गंभीर लापरवाही हुई, जिसके कारण शिवानी को अत्यधिक रक्तस्राव होने लगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हालत गंभीर होने के बावजूद समय पर उचित इलाज उपलब्ध नहीं कराया गया और बाद में अस्पताल का स्टाफ भी मौके से गायब हो गया।
शिवानी की हालत नाजुक होने पर परिजन उसे तत्काल कानपुर ले जाने के लिए निजी वाहन से निकले। रास्ते में उत्तरीपुरा के पास उसकी तबीयत और बिगड़ गई, जहां मौजूद चिकित्सक ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजन शव लेकर वापस अस्पताल पहुंचे और वहां हंगामा शुरू कर दिया।
पुलिस की कार्रवाई और पंचनामा में गतिरोध
सूचना पर कादरी गेट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और प्रसूता व नवजात के शवों को पोस्टमार्टम के लिए डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल भिजवाया। पुलिस ने पंचनामा की कार्रवाई शुरू करने का प्रयास किया, लेकिन परिजनों ने अस्पताल संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने की मांग पर अड़ते हुए विरोध किया। समाचार लिखे जाने तक पंचनामा की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी थी।
मृतका के पति अभिषेक प्रजापति, जो नोएडा में एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं, ने बताया कि उनकी शादी अप्रैल 2025 में हुई थी। वहीं, मृतका के चचेरे भाई सुरजीत ने आरोप लगाया कि मरीज की हालत बिगड़ने के बाद अस्पताल का पूरा स्टाफ अस्पताल छोड़कर चला गया था।
अन्य मरीजों के परिजन भी उठे सवाल, आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका पर भी जांच
इस घटना के दौरान अस्पताल में भर्ती अन्य मरीजों के परिजनों ने भी अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए। शाहजहांपुर जनपद के मदनापुर थाना क्षेत्र निवासी धर्मवीर ने बताया कि उनकी बहन संगीता अस्पताल में भर्ती हैं, लेकिन अस्पताल सील होने के कारण मरीज अंदर ही फंस गए। स्थानीय लोगों के अनुसार, शिवानी को गांव की दो आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से इस अस्पताल में भर्ती कराया गया था। घटना के बाद दोनों आशा कार्यकर्ता भी वहां से चली गई हैं।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर जांच के बाद अस्पताल को सील कर दिया है। पुलिस का कहना है कि पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों द्वारा प्राप्त तहरीर के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
