फर्रुखाबाद: पेट्रोल पंप पर कम पेट्रोल का आरोप, आपूर्ति विभाग जांच में जुटा
फर्रुखाबाद में एक पेट्रोल पंप पर कम पेट्रोल डालने का आरोप है। ग्राहकों के संदेह जताने पर पुलिस बुलाई गई और अब आपूर्ति विभाग इसकी जांच कर रहा है।

द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 25 अगस्त 2026
फर्रुखाबाद के कादरी गेट थाना क्षेत्र में एक पेट्रोल पंप पर मंगलवार को पेट्रोल कम डालने के आरोप को लेकर उपभोक्ताओं और कर्मचारियों के बीच विवाद खड़ा हो गया। मामला बिगड़ने पर पुलिस को सूचना दी गई और मौके पर पहुंचे आपूर्ति विभाग के अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है।
यह घटना बद्री विशाल डिग्री कॉलेज के निकट स्थित एक पेट्रोल पंप पर तब हुई जब खामोर निवासी सुधीर यादव अपने चाचा जगपाल और एक मित्र के साथ अपनी मोटरसाइकिल में लगभग 200 रुपये का पेट्रोल डलवाने पहुंचे। पेट्रोल डलवाने के बाद, सुधीर यादव को शक हुआ कि उन्हें निर्धारित मात्रा से कम पेट्रोल दिया गया है। उन्होंने पेट्रोल पंप कर्मचारियों से इस बाबत शिकायत की, जिससे दोनों पक्षों के बीच गहमागहमी बढ़ गई।
उपभोक्ता का आरोप और पुलिस की कार्रवाई
सुधीर यादव ने आरोप लगाया कि 200 रुपये की पर्ची कटने के बावजूद पेट्रोल की मात्रा कम थी। विवाद को बढ़ता देख, उन्होंने डायल 112 पर पुलिस को फोन किया। पुलिस के पहुंचने पर, एक मोटरसाइकिल मिस्त्री को बुलाया गया और पेट्रोल पंप के कर्मचारी व मैनेजर की उपस्थिति में मोटरसाइकिल से पेट्रोल निकाला गया। सुधीर यादव के अनुसार, पहले से मौजूद पेट्रोल को मिलाकर कुल लगभग एक लीटर पेट्रोल निकला, जिसमें से 200 रुपये का पेट्रोल लगभग आधा लीटर ही था। इस असमानता को लेकर विवाद और गहरा गया।
रोडवेज चौकी प्रभारी दयानंद पटेल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। सुधीर यादव और उनके साथियों ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस की मौजूदगी में भी पेट्रोल पंप कर्मचारियों ने पंप बंद करके सभी को थाने ले जाने की धमकी दी।
आपूर्ति विभाग ने संभाली जांच
घटना की सूचना मिलते ही आपूर्ति इंस्पेक्टर नेहा गुप्ता भी मौके पर पहुंच गईं। उन्होंने पेट्रोल पंप का मुआयना किया और संबंधित रिकॉर्ड की जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। इंस्पेक्टर गुप्ता ने बताया कि पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही पेट्रोल की वास्तविक मात्रा को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
दूसरी ओर, पेट्रोल पंप के मालिक ने इस विवाद को पुरानी रंजिश का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि पेट्रोल डलवाने वाले ग्राहक और पंप कर्मचारी पड़ोसी गांवों के निवासी हैं और संभव है कि उनके बीच पूर्व में कोई आपसी मतभेद रहा हो, जो इस घटना का कारण बना हो।
फिलहाल, पुलिस और आपूर्ति विभाग के अधिकारी संयुक्त रूप से मामले की जांच कर रहे हैं। जांच के निष्कर्षों से ही यह तय हो पाएगा कि उपभोक्ताओं को पेट्रोल की कम मात्रा दी गई थी या फिर इस विवाद के पीछे कोई अन्य कारण था।
