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फर्रुखाबाद: पांचालघाट गंगा पुल के जॉइंट पांच दिन में फिर टूटे, साइकिल सवार गिरा

पांचालघाट गंगा पुल के जॉइंट की मरम्मत के सिर्फ पांच दिन बाद एक बार फिर खुल गए। मंगलवार सुबह जॉइंट टूटने से एक साइकिल सवार गिर पड़ा, जिसने पुल की बदहाली पर चिंता जताई।

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फर्रुखाबाद: पांचालघाट गंगा पुल के जॉइंट पांच दिन में फिर टूटे, साइकिल सवार गिरा

द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 21 जुलाई 2026

फर्रुखाबाद में स्थित पांचालघाट गंगा पुल अपनी लगातार बिगड़ती स्थिति के कारण एक बार फिर चर्चा में है। मरम्मत के महज पांच दिनों के भीतर ही पुल के कई जॉइंट फिर से टूट गए, जिससे पुल की गुणवत्ता और बार-बार की जा रही मरम्मत पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। मंगलवार सुबह पुल के जॉइंट टूटने की यह घटना सामने आई, जिससे यातायात बाधित हुआ और एक साइकिल सवार दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

यह पुल पिछले लगभग दो वर्षों से लगातार जर्जर स्थिति से गुजर रहा है। हर दूसरे-तीसरे महीने इसके जॉइंट क्षतिग्रस्त हो जाते हैं और अस्थायी मरम्मत के बावजूद समस्या बनी रहती है। पुल की मरम्मत के लिए तीन दिनों तक यातायात को एकतरफा (वन-वे) किया गया था और निर्माण के दौरान नए बने जॉइंट पर वाहनों के आवागमन को रोकने के लिए पुलिसकर्मी भी तैनात किए गए थे। इन सावधानियों के बावजूद, नए बने जॉइंट कुछ ही दिनों में फिर से टूट गए, जो निर्माण की गुणवत्ता पर गहरी शंका पैदा करता है।

साइकिल सवार गिरा, चिंता बढ़ी

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मंगलवार की सुबह खुले हुए जॉइंट के कारण एक साइकिल सवार संतुलन बिगड़ने से साइकिल सहित सड़क पर गिर पड़ा। हालांकि उसे गंभीर चोटें नहीं आईं, लेकिन इस घटना ने पुल की खस्ताहाल स्थिति की गंभीरता को उजागर कर दिया। स्थानीय लोगों ने घायल साइकिल सवार को तुरंत उठाया।

स्थायी समाधान की मांग

पांचालघाट गंगा पुल कई जनपदों के लिए एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है, जिस पर हर दिन हजारों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। इस महत्वपूर्ण पुल की लगातार उपेक्षा और अस्थायी मरम्मत से स्थानीय लोग परेशान हैं। उनका कहना है कि पुल की स्थायी मरम्मत के लिए अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। स्थानीय नागरिकों ने जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से इस मामले में हस्तक्षेप कर पुल की गुणवत्ता की जांच कराने और एक स्थायी समाधान सुनिश्चित करने की मांग की है। पुल की यह दुर्दशा न केवल आम जनता के लिए खतरे का सबब बन रही है, बल्कि यह सरकारी तंत्र की कार्यप्रणाली पर भी प्रश्नचिह्न लगा रही है।