फर्रुखाबाद: पांचाल घाट से ढाईघाट तक बनेगा तटबंध, बाढ़ से मिलेगी मुक्ति
गंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि से प्रभावित फर्रुखाबाद के जिठौली गांव में जिला पंचायत प्रशासक प्रतिनिधि सचिन यादव ने बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री...

फर्रुखाबाद | संवाददाता: संदीप तिवारी
द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 14 सितंबर 2026
गंगा नदी में जलस्तर बढ़ने से विधानसभा अमृतपुर के विकासखंड राजेपुर में बाढ़ की गंभीर स्थिति बनी हुई है। इस आपदा के बीच, जिला पंचायत प्रशासक प्रतिनिधि सचिन यादव ने बाढ़ प्रभावित जिठौली गांव का दौरा कर पीड़ितों की समस्याओं को समझा और तत्काल राहत सामग्री वितरित की। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि अब केवल तात्कालिक सहायता पर्याप्त नहीं है, बल्कि इस समस्या का स्थायी समाधान खोजना आवश्यक है।
स्थानीय निवासियों ने अपनी व्यथा बताते हुए कहा कि हर साल मानसून के दौरान गंगा का जलस्तर खतरनाक स्तर तक बढ़ जाता है, जिससे गांवों में पानी भर जाता है। इससे न केवल आवागमन बाधित होता है, बल्कि भोजन, पशुओं के चारे और खड़ी फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचता है। इस वर्ष भी बाढ़ ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है।
राजेपुर और शमशाबाद के लिए स्थायी समाधान की ओर कदम
ग्रामीणों की पीड़ा को सुनने के बाद, सचिन यादव ने स्पष्ट किया कि अब राहत सामग्री बांटने से आगे बढ़कर स्थायी समाधान की दिशा में काम करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि उनका मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि राजेपुर और शमशाबाद क्षेत्र के निवासियों के लिए यह बाढ़ झेलने का अंतिम वर्ष साबित हो।
परियोजना के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि बारिश का मौसम समाप्त होते ही पांचाल घाट से लेकर ढाईघाट तक एक मजबूत तटबंध के निर्माण का कार्य शुरू करने की योजना है। सरकार से आवश्यक स्वीकृति प्राप्त होते ही गंगा नदी के दोनों किनारों पर इस तटबंध का निर्माण किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण परियोजना से क्षेत्र को बाढ़ से सुरक्षा मिलेगी और हर साल होने वाली व्यापक तबाही तथा जन-धन की हानि को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।
बाढ़ सुरक्षा और भविष्य की तैयारी
सचिन यादव ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि तटबंध परियोजना के पूर्ण होने से भविष्य में बाढ़ से उत्पन्न होने वाले संकटों से उन्हें हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि बाढ़ के इस कठिन दौर में प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त, क्षेत्रवासियों को हर साल बाढ़ की विभीषिका का सामना न करना पड़े, यह सुनिश्चित करने के लिए संबंधित उच्च स्तर पर प्रभावी पैरवी की जाएगी। स्थानीय लोग इस महत्वाकांक्षी तटबंध परियोजना को लेकर आशावादी हैं और इसके जल्द कार्यान्वयन की उम्मीद कर रहे हैं।
