फर्रुखाबाद में विशेष रोजगार सृजन दिवस: 29 हजार मानव दिवस का लक्ष्य पूरा
फर्रुखाबाद में विशेष रोजगार सृजन दिवस के तहत 29 हजार मानव दिवस का लक्ष्य पूरा हुआ। 'बीबीजी रामजी योजना' के तहत श्रमिकों को नियमित रोजगार...

फर्रुखाबाद | संवाददाता: संदीप तिवारी
द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 12 अक्टूबर 2026
फर्रुखाबाद जनपद में विशेष रोजगार सृजन दिवस के अवसर पर निर्धारित 29 हजार मानव दिवस का लक्ष्य सफलतापूर्वक प्राप्त कर लिया गया है। 'बीबीजी रामजी योजना' के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में श्रमिकों को नियमित रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाए गए इस विशेष अभियान में विभिन्न विकासखंडों की ग्राम पंचायतों में उल्लेखनीय प्रगति देखी गई।
इस अभियान के तहत, शमसाबाद विकासखंड की ग्राम पंचायत बरई में पंचायत सचिव दिलीप कुमार ने श्रमिकों की भागीदारी और अभियान की सफलता पर विस्तृत जानकारी साझा की। शासन द्वारा इस पूरे कार्यक्रम की प्रभावी निगरानी के लिए दो वरिष्ठ अधिकारियों को नोडल अधिकारी के रूप में नामित किया गया था, जिन्होंने जमीनी स्तर पर कार्यों का निरीक्षण किया।
विकासखंडों का सघन निरीक्षण और प्रगति समीक्षा
परियोजना निदेशक और उपायुक्त श्रम रोजगार ने कमालगंज विकासखंड की कुंदन गणेशपुर, सितौली, ताजपुर तथा अहिमलापुर ग्राम पंचायतों का दौरा किया। उन्होंने इन ग्राम पंचायतों में चल रहे विकास कार्यों का बारीकी से निरीक्षण कर उनकी गुणवत्ता और प्रगति का जायजा लिया।
इसी क्रम में, जिला विकास अधिकारी एवं उपायुक्त स्वतः रोजगार ने राजेपुर विकासखंड की डाबरी, बिलालपुर, त्रिकुटा, गांधी, उजरामऊ और नयागांव ग्राम पंचायतों में अभियान की गतिविधियों का गहन मूल्यांकन किया। इन निरीक्षणों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि श्रमिकों को योजना का लाभ सुचारू रूप से मिल रहा है और विकास कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार हो रहे हैं।
लक्ष्य प्राप्ति में अधिकारियों का समन्वय
जिलाधिकारी द्वारा सभी खंड विकास अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से मानव दिवस का लक्ष्य पूरा करने के कड़े निर्देश दिए गए थे। मुख्य विकास अधिकारी ने इन निर्देशों के अनुपालन की निरंतर निगरानी सुनिश्चित की। अधिकारियों के आपसी समन्वय और ग्राम पंचायत स्तर पर किए गए ठोस प्रयासों के परिणामस्वरूप ही जनपद ने निर्धारित लक्ष्य को समय रहते सफलतापूर्वक हासिल कर लिया है।
यह अभियान न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में सहायक सिद्ध हुआ है, बल्कि इसने स्थानीय स्तर पर रोजगार के महत्वपूर्ण अवसर भी सृजित किए हैं। भविष्य में भी इसी प्रकार की योजनाओं के माध्यम से श्रमिकों को निरंतर कार्य उपलब्ध कराने की तैयारी है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के साधन सुदृढ़ हो सकें।
