फर्रुखाबाद में शून्य से पांच वर्ष के बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान
फर्रुखाबाद में मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने शून्य से पांच वर्ष के बच्चों के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है। आशा, एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर निगरानी करेंगी।

द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 2 अगस्त 2026
फर्रुखाबाद जनपद में स्वास्थ्य विभाग द्वारा शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. आनंद उपाध्याय ने संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक बच्चे की नियमित स्वास्थ्य निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी संभावित बीमारी का समय रहते पता लगाया जा सके और उचित उपचार प्रदान किया जा सके।
सीएमओ डॉ. आनंद उपाध्याय ने इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करते हुए कहा है कि नवजात एवं छोटे बच्चों का समय पर टीकाकरण, उनके पोषण स्तर की जांच, वृद्धि की सतत निगरानी और सामान्य बीमारियों की पहचान स्वास्थ्य विभाग की एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इन महत्वपूर्ण कार्यों को प्रभावी ढंग से संपन्न करने के लिए उन्होंने आशा, एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को घर-घर भ्रमण कर बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी एकत्र करने के निर्देश दिए हैं।
स्वास्थ्य निगरानी और उपचार की व्यवस्था
सीएमओ ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी भी बच्चे में कुपोषण, कम वजन, तेज बुखार, निमोनिया, दस्त या अन्य किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या के लक्षण दिखाई देते हैं, तो उन्हें तत्काल नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर ले जाकर उपचार उपलब्ध कराया जाए। गंभीर मामलों में, आवश्यकतानुसार ऐसे बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) या उच्च स्वास्थ्य संस्थानों के लिए रेफर किया जाएगा।
डॉ. उपाध्याय ने इस बात पर जोर दिया कि नियमित और पूर्ण टीकाकरण, शिशुओं के लिए मां के दूध का महत्व, संतुलित पूरक आहार का सेवन और व्यक्तिगत स्वच्छता संबंधी व्यवहार बच्चों को गंभीर बीमारियों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों से अपेक्षा की कि वे अभिभावकों को इन सभी विषयों पर निरंतर जागरूक करते रहें और उन्हें आवश्यक जानकारी प्रदान करें।
गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का लक्ष्य
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित 'दस्तक अभियान', नियमित टीकाकरण कार्यक्रम और बाल स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना विभाग का मुख्य लक्ष्य है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि किसी भी पात्र बच्चे का टीकाकरण या स्वास्थ्य परीक्षण छूटने न पाए। साथ ही, इन अभियानों की नियमित रूप से निगरानी भी की जाएगी ताकि इनकी प्रभावशीलता बनी रहे।
डॉ. आनंद उपाध्याय ने अभिभावकों से एक विशेष अपील भी की है। उन्होंने सभी माता-पिता और अभिभावकों से आग्रह किया है कि वे अपने बच्चों का जन्म के बाद से ही निर्धारित समय-सारणी के अनुसार सभी आवश्यक टीके अवश्य लगवाएं। उन्होंने आगे कहा कि यदि उनके बच्चों में किसी भी प्रकार की बीमारी के लक्षण दिखाई दें, तो वे बिना देर किए सरकारी स्वास्थ्य संस्थान से संपर्क करें और स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाई जा रही सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाएं।
