फर्रुखाबाद में परिवार नियोजन शिविर: 38 महिलाओं की हुई सफल नसबंदी
फर्रुखाबाद में 3 से 5 अगस्त 2026 तक आयोजित विशेष परिवार नियोजन शिविरों में 38 महिलाओं ने महिला नसबंदी कराई। सीएमओ ने सेवाओं का लाभ उठाने की अपील की।

द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 5 अगस्त 2026
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जनसंख्या स्थिरीकरण, सुरक्षित मातृत्व और स्वस्थ परिवार के उद्देश्यों को बढ़ावा देने के लिए फर्रुखाबाद जनपद में 3 से 5 अगस्त 2026 तक तीन दिवसीय विशेष परिवार नियोजन (महिला नसबंदी/ट्यूबल लिगेशन) शिविरों का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इन शिविरों में कुल 38 महिलाओं की चिकित्सकीय परीक्षण और आवश्यक प्रयोगशाला जांचों के उपरांत विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा सफलतापूर्वक नसबंदी की गई। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कायमगंज में 14, सीएचसी कमालगंज में 14 और सीएचसी बरौन में 10 महिलाओं के ऑपरेशन किए गए।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. आनन्द उपाध्याय के निर्देशन में संपन्न हुए इन शिविरों के माध्यम से परिवार नियोजन की सेवाओं के महत्व को रेखांकित किया गया। डॉ. उपाध्याय ने कहा कि परिवार नियोजन केवल जनसंख्या नियंत्रण का साधन मात्र नहीं है, बल्कि यह मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य की सुरक्षा, परिवार की आर्थिक सुदृढ़ता और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग द्वारा परिवार नियोजन से संबंधित सभी सेवाएं पूर्णतः निःशुल्क प्रदान की जा रही हैं। प्रशिक्षित विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं सुनिश्चित की जाती हैं, ताकि लाभार्थियों को किसी भी असुविधा का सामना न करना पड़े।
जागरूकता और सेवाओं का विस्तार
सीएमओ डॉ. आनन्द उपाध्याय ने सभी योग्य दंपत्तियों से आग्रह किया कि वे अपनी आवश्यकतानुसार परिवार नियोजन के अस्थायी और स्थायी साधनों का चयन करें और उनका भरपूर लाभ उठाएं। उन्होंने आशा, एएनएम और अन्य स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं से भी आह्वान किया कि वे अपने-अपने कार्यक्षेत्रों में पात्र दंपत्तियों को परिवार नियोजन के प्रति जागरूक करें और उन्हें विभाग द्वारा संचालित विभिन्न सेवाओं से जोड़े।
शिविरों के दौरान, संबंधित प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारियों और जिला कार्यक्रम प्रबंधन टीम के अधिकारियों ने व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने लाभार्थियों को प्रदान की जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता का भी अवलोकन किया। अधिकारियों ने चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों के प्रयासों की सराहना की और भविष्य में भी इसी प्रकार की गुणवत्तापूर्ण एवं जनहितकारी सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण ऑपरेशन
महिला नसबंदी ऑपरेशन निर्धारित चिकित्सकीय मानकों और संक्रमण नियंत्रण प्रोटोकॉल का पूर्णतः अनुपालन करते हुए संपन्न कराए गए। इन शिविरों में डॉ. कृष्णा बोस (डीजीओ) द्वारा सफलतापूर्वक ऑपरेशन किए गए। इस दौरान डॉ. अरुण यादव (एनेस्थेटिस्ट), डॉ. रोहित तिवारी (सर्जन), डॉ. ममता अरुण (डीजीओ), डॉ. मधु अग्रवाल (डीजीओ) के साथ ओटी टेक्नीशियन नरेन्द्र, काउंसलर सुनीता, और स्टाफ नर्स रीता व मीरा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जिला महिला चिकित्सालय और संबंधित स्वास्थ्य केंद्रों के चिकित्सकों, नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ ने भी सहयोग किया। सभी लाभार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई और प्रत्येक ऑपरेशन अत्यंत सावधानी एवं गुणवत्ता मानकों के अनुरूप संपन्न हुआ।
समग्र स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गईं
शिविरों में भाग लेने वाली सभी महिलाओं का पंजीकरण, विस्तृत चिकित्सकीय परीक्षण, रक्तचाप की जांच, आवश्यक प्रयोगशाला जांचें, विशेषज्ञ परामर्श और ऑपरेशन से पूर्व व पश्चात की सभी आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। ऑपरेशन के उपरांत, सभी लाभार्थियों को रिकवरी कक्ष में चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया, जहां उन्हें आवश्यक दवाइयां, पोषण संबंधी सलाह और स्वास्थ्य परामर्श भी प्रदान किया गया।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिविरों में उपस्थित महिलाओं और उनके परिजनों को परिवार नियोजन के विभिन्न साधनों की विस्तृत जानकारी भी दी गई। उन्हें समझाया गया कि एक छोटा और नियोजित परिवार न केवल माता-शिशु के बेहतर स्वास्थ्य की गारंटी है, बल्कि यह परिवार की आर्थिक, सामाजिक और शैक्षिक उन्नति में भी अहम योगदान देता है। विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि दो बच्चों के बीच उचित अंतराल रखने से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी आती है और बच्चों का शारीरिक व मानसिक विकास भी बेहतर होता है।
परिवार नियोजन के विभिन्न विकल्प
कार्यक्रम के दौरान, योग्य दंपत्तियों को परिवार नियोजन के अस्थायी साधनों जैसे गर्भनिरोधक गोलियां, कॉपर-टी, अंतरा इंजेक्शन, कंडोम और अन्य उपलब्ध सेवाओं की जानकारी प्रदान की गई। साथ ही, महिला और पुरुष नसबंदी की सुरक्षा, प्रभावशीलता और उपयोगिता के संबंध में भी विस्तार से जानकारी दी गई, ताकि अधिक से अधिक लोग इन सेवाओं का लाभ उठा सकें।
स्वास्थ्य विभाग ने यह भी सूचित किया कि जनपद के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और स्वास्थ्य उप-केंद्रों पर परिवार नियोजन संबंधी सेवाएं नियमित रूप से उपलब्ध हैं। यहां प्रशिक्षित चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा निःशुल्क परामर्श, आवश्यक दवाइयां और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्रदान की जा रही हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनन्द उपाध्याय ने तीनों विशेष शिविरों के सफल आयोजन के लिए सभी चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ, नर्सिंग कर्मियों और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रयासों की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि जनपद में परिवार नियोजन कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से भविष्य में भी ऐसे विशेष शिविर नियमित रूप से आयोजित किए जाते रहेंगे।
कार्यक्रम के समापन पर, सभी लाभार्थियों के स्वास्थ्य की पुनः समीक्षा की गई और उन्हें ऑपरेशन के बाद बरती जाने वाली सावधानियों तथा आवश्यक स्वास्थ्य परामर्श से अवगत कराया गया। लाभार्थियों ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाओं पर गहरा संतोष व्यक्त करते हुए चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों के प्रति आभार प्रकट किया। स्वास्थ्य विभाग का संकल्प है कि वह प्रत्येक पात्र दंपत्ति तक गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित और सुलभ परिवार नियोजन सेवाएं पहुंचाकर 'स्वस्थ परिवार, स्वस्थ समाज एवं स्वस्थ राष्ट्र' के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा।
