फर्रुखाबाद में नवमी पर गूंजे देवी के जयकारे, कन्या भोज से भक्तिमय हुआ माहौल
फर्रुखाबाद में शारदीय नवरात्रि की नवमी पर देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। कन्याओं को देवी स्वरूप मानकर पारंपरिक भोज कराया गया और...

फर्रुखाबाद | संवाददाता: संदीप तिवारी
द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 19 अक्टूबर 2026
फर्रुखाबाद शहर और आसपास के इलाकों में शारदीय नवरात्रि की नवमी के अवसर पर सोमवार को भक्ति और श्रद्धा का अभूतपूर्व संगम देखा गया। देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा, जिन्होंने परिवार की सुख-समृद्धि के लिए विशेष पूजा-अर्चना की। बढ़पुर स्थित शीतला माता मंदिर, गुरुगांव देवी मंदिर और भोलेपुर स्थित वैष्णो देवी मंदिर जैसे प्रमुख स्थलों पर भक्तों ने कतारों में लगकर मां दुर्गा के दर्शन किए और मंगल कामना की।
इस पावन अवसर पर घरों में पारंपरिक कन्या भोज का आयोजन किया गया, जिसमें छोटी कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर उनका पूजन किया गया। उन्हें भोजन कराने के उपरांत उपहार और दक्षिणा भेंट कर आशीर्वाद लिया गया। लाल दरवाजा सहित शहर के अनेक स्थानों पर सार्वजनिक भंडारों का आयोजन भी किया गया। कई परिवारों ने मंदिरों के प्रांगण में ही कन्या भोज संपन्न कर अपनी नौ दिवसीय नवरात्रि साधना को पूर्ण किया।
प्रमुख मंदिरों में भक्तों का सैलाब
शारदीय नवरात्रि के अंतिम और पावन पर्व नवमी पर फर्रुखाबाद के विभिन्न देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की अपार भीड़ उमड़ी। सुबह से ही मंदिरों में दर्शनार्थियों का रेला लगना शुरू हो गया था, जो देर शाम तक अनवरत जारी रहा। बढ़पुर स्थित शीतला माता मंदिर, गुरुगांव देवी मंदिर और भोलेपुर स्थित वैष्णो देवी मंदिर जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भक्तों ने मां दुर्गा के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि और कल्याण के लिए विशेष पूजा-अर्चना संपन्न की। भक्तों ने श्रद्धापूर्वक कतारों में लगकर देवी का आशीर्वाद प्राप्त किया, जिससे मंदिरों का माहौल भक्तिमय हो गया था।
पारंपरिक कन्या भोज का महत्व
नवमी के पावन अवसर पर, जिसे कन्या पूजन के रूप में भी जाना जाता है, घरों में पारंपरिक कन्या भोज का आयोजन किया गया। इस प्रथा में, छोटी कन्याओं को देवी दुर्गा का साक्षात स्वरूप मानकर उनका आदर-सत्कार किया जाता है। विधि-विधान से उनका पूजन कर उन्हें भोजन कराया जाता है और सामर्थ्य अनुसार उपहार व दक्षिणा भेंट की जाती है। मान्यता है कि इससे देवी प्रसन्न होती हैं और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। लाल दरवाजा सहित शहर के सैकड़ों स्थानों पर सार्वजनिक भंडारों का आयोजन भी किया गया, जहाँ बड़ी संख्या में लोगों ने कन्या भोज में भाग लिया। कई परिवारों ने मंदिरों के प्रांगण में ही कन्या भोज कराकर अपनी नौ दिवसीय नवरात्रि साधना को पूर्ण किया, जिससे उत्सव का माहौल और भी गहरा हो गया।
भक्तिमय वातावरण और आगामी उत्सव
पूरे शहर का वातावरण धार्मिक आयोजनों के कारण भक्तिमय बना रहा। मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ और घरों में आयोजित कन्या पूजन ने नवरात्रि के समापन को और भी विशेष बना दिया। पंचांग के अनुसार, नवमी तिथि मंगलवार दोपहर 12 बजे तक मान्य रहेगी, जिसके चलते कुछ स्थानों पर मंगलवार को भी कन्या भोज और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाएगा। नवरात्रि के समापन के साथ ही, श्रद्धालुओं में अब विजयदशमी के पर्व को लेकर भी उत्साह दिखाई दे रहा है। इस दौरान शहर के बाजारों में भी चहल-पहल देखी गई, जहाँ लोग खरीदारी करते हुए नजर आए, जो उत्सव की तैयारियों का संकेत दे रहा था।
