फर्रुखाबाद में नशा मुक्ति अभियान तेज, डीएम ने दिए निर्देश
फर्रुखाबाद में नशीली दवाओं और नारकोटिक्स पर नियंत्रण के लिए जिला स्तरीय NCORD समिति की बैठक हुई। जिलाधिकारी ने विद्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर अभियान चलाने के निर्देश दिए।

द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 21 अगस्त 2026
फर्रुखाबाद में नशीली दवाओं और नारकोटिक्स के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने तथा इस दिशा में जनजागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय नशीले पदार्थ समन्वय केंद्र (NCORD) की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया और जनपद में नशा मुक्ति के प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाने पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में विशेष रूप से नशीली दवाओं एवं नारकोटिक्स के प्रयोग पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने, प्रवर्तन कार्यवाहियों की समीक्षा करने तथा जन जागरूकता कार्यक्रमों को और अधिक सशक्त बनाने पर जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे जनपद में नशीली दवाओं और नारकोटिक्स के प्रयोग पर हर हाल में प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करें।
शिक्षा संस्थानों में चलेगा नशा मुक्त भारत अभियान
जिलाधिकारी ने जिला विद्यालय निरीक्षक को विशेष रूप से निर्देशित किया कि वह जनपद के सभी विद्यालयों, स्कूलों, कॉलेजों, समितियों और सार्वजनिक स्थलों पर 'नशा मुक्त भारत अभियान' को पूरी सक्रियता से चलाएं। इस अभियान के तहत छात्र-छात्राओं को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराया जाएगा और उन्हें इससे दूर रहने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
बैठक में नारकोटिक्स से संबंधित दर्ज अभियोगों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने पुलिस विभाग, अभियोजन विभाग और आबकारी विभाग को निर्देश दिए कि वे प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई सुनिश्चित करें और अभियोजन संबंधी कार्यवाहियों को समयबद्ध तरीके से पूरा करें ताकि दोषियों को नियमानुसार सजा मिल सके।
जागरूकता और निवारण के लिए संयुक्त प्रयास
समाज कल्याण विभाग को जनपद में नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसी क्रम में, शिक्षा विभाग को भी यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि जनपद के सभी विद्यालयों और महाविद्यालयों में छात्र-छात्राओं को नशे से दूर रहने के लिए शपथ ग्रहण कराई जाए। इसके अतिरिक्त, नुक्कड़ नाटक, पोस्टर प्रतियोगिता, भाषण प्रतियोगिता जैसी रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से युवाओं में नशे के विरुद्ध जागरूकता बढ़ाने पर भी बल दिया गया।
चिकित्सा विभाग और औषधि प्रशासन विभाग को जनपद के सभी मेडिकल स्टोरों की नियमित रूप से जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रतिबंधित और नशीली दवाओं की अवैध बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण के लिए आवश्यक कार्रवाई करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक के समापन पर जिलाधिकारी ने कहा कि युवाओं को नशीली दवाओं और नारकोटिक्स के नशे की गिरफ्त से बचाना समाज और प्रशासन की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी विभागों से इस दिशा में समन्वित रूप से कार्य करने का आह्वान किया ताकि फर्रुखाबाद को नशा मुक्त जनपद बनाया जा सके।
