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फर्रुखाबाद में मुस्लिम समाज ने कावड़ियों पर पुष्प वर्षा कर गंगा-जमुनी तहजीब का मिसाल पेश की

फर्रुखाबाद में ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम समाज, भारतीय किसान यूनियन (भानू) और फतेहगढ़ महोत्सव समिति ने कावड़ यात्रा पर पुष्प वर्षा कर जलपान की व्यवस्था की।

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फर्रुखाबाद में मुस्लिम समाज ने कावड़ियों पर पुष्प वर्षा कर गंगा-जमुनी तहजीब का मिसाल पेश की

द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 16 अगस्त 2026

फर्रुखाबाद के पांचाल घाट पर श्रावण मास के पवित्र अवसर पर गंगा-जमुनी तहजीब की एक अनूठी मिसाल देखने को मिली। ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम समाज, भारतीय किसान यूनियन (भानू) और फतेहगढ़ महोत्सव आयोजन समिति के संयुक्त तत्वावधान में कावड़ यात्रा पर पुष्प वर्षा की गई, साथ ही यात्रियों के लिए फल, शीतल जल और शीतल पेय का वितरण भी किया गया। यह आयोजन रविवार, 16 अगस्त 2026 को संपन्न हुआ।

इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, दुर्वासा ऋषि आश्रम के पूज्य महाराज ईश्वर दास जी ने मानव सेवा को सबसे बड़ा धर्म बताते हुए इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि मुस्लिम भाइयों द्वारा कावड़ यात्रियों पर पुष्प वर्षा कर जलपान की व्यवस्था करना यह दर्शाता है कि भारतवर्ष में गंगा-जमुनी संस्कृति आज भी जीवंत है और हमेशा जीवित रहेगी। महाराज ईश्वर दास जी ने भगवान भोलेनाथ द्वारा समुद्र मंथन के बाद विष पीने और कावड़ियों द्वारा उनके विष को शांत करने के लिए गंगाजल अर्पित करने की पौराणिक कथा का भी उल्लेख किया।

सामुदायिक सद्भाव का प्रतीक आयोजन

ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम समाज के संस्थापक और राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. शाकिर अली मंसूरी ने इस आयोजन को एकता और भाईचारे का प्रतीक बताया। फतेहगढ़ महोत्सव के संयोजक रिजवान अहमद ताज और भारतीय किसान यूनियन (भानू) के जिला अध्यक्ष जगपाल सिंह राठौड़ ने भी इस पहल के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इस प्रकार के आयोजन समाज में सौहार्द और आपसी विश्वास को बढ़ावा देते हैं।

कार्यक्रम में भारतीय किसान यूनियन (भानू) की महिला जिला अध्यक्ष राममूर्ति राजपूत, जिला उपाध्यक्ष कुमकुम राठौड़, सुनील शुक्ला, भूरा यादव, ब्रह्म दत्त शाक्य, नसीम अहमद सहित सैकड़ों की संख्या में लोग मौजूद रहे। सभी ने मिलकर इस पहल का समर्थन किया और इसे एक अनुकरणीय कदम बताया। यह आयोजन न केवल कावड़ यात्रियों के लिए सुखद था, बल्कि इसने विभिन्न समुदायों के बीच सदियों पुरानी सद्भावना और सहिष्णुता की परंपरा को भी मजबूत किया।