फर्रुखाबाद में मुख्यमंत्री आरोग्य मेले में 1064 मरीजों को मिली स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ
फर्रुखाबाद जनपद के 34 स्वास्थ्य केंद्रों पर आयोजित मुख्यमंत्री आरोग्य मेले में 1064 मरीजों ने विभिन्न स्वास्थ्य जांचों, परामर्श और उपचार का लाभ उठाया। मेले का उद्देश्य आमजन को घर के पास गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना था।

द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 16 अगस्त 2026
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनन्द उपाध्याय के निर्देशन में जनपद फर्रुखाबाद के समस्त संबंधित स्वास्थ्य केंद्रों पर आज, 16 अगस्त 2026 को, मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य आम जनता को उनके निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पर ही गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं, विभिन्न रोगों की जांच, उपचार और विशेषज्ञ परामर्श उपलब्ध कराना रहा। गंभीर या जटिल बीमारियों से पीड़ित मरीजों को उच्च स्वास्थ्य संस्थानों के लिए रेफर भी किया गया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनन्द उपाध्याय ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और चिकित्सा टीमों को निर्देशित किया कि मेले में आने वाले प्रत्येक मरीज की जांच और उपचार को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि आवश्यकतानुसार जांच, औषधि वितरण, परामर्श और रेफरल की सुविधा निर्बाध रूप से उपलब्ध हो। शासन की मंशा के अनुरूप स्वास्थ्य सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाना स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख प्राथमिकताओं में से एक है।
34 स्वास्थ्य केंद्रों पर आयोजित हुए मेले
प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार, फर्रुखाबाद जनपद में कुल 34 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) पर मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का आयोजन किया गया। इन सभी केंद्रों पर कुल 34 मेले/शिविर लगाए गए। चिकित्सा सेवाओं के सुचारू संचालन के लिए 43 चिकित्सकों और 140 पैरामेडिकल व अन्य चिकित्सा स्टाफ ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं।
इन आरोग्य मेलों में कुल 1064 मरीजों का पंजीकरण किया गया और उन्हें आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। पंजीकृत मरीजों में 491 पुरुष, 418 महिलाएं और 155 बच्चे शामिल थे। स्वास्थ्य विभाग की समर्पित टीमों ने मरीजों की आवश्यकतानुसार विस्तृत चिकित्सकीय जांच, परामर्श, उपचार और विभिन्न स्वास्थ्य संबंधी जांचें कीं।
विभिन्न रोगों की जांच और उपचार की सुविधा
मुख्यमंत्री आरोग्य मेले में सामान्य रोगों के साथ-साथ कई प्रमुख बीमारियों की जांच और परामर्श की विशेष सुविधा उपलब्ध थी। मेले में कुल 33 मरीजों को तंबाकू सेवन के दुष्प्रभावों के बारे में परामर्श दिया गया। इसके अतिरिक्त, 27 मरीजों की लिवर संबंधी जांच/परामर्श, 201 मरीजों की श्वसन संबंधी समस्याओं, 182 मरीजों की गैस्ट्रो संबंधी समस्याओं, 145 मरीजों की मधुमेह (डायबिटीज) संबंधी जांच/परामर्श, और 320 मरीजों की त्वचा संबंधी समस्याओं के लिए चिकित्सकीय सेवाएं प्रदान की गईं।
इसी क्रम में, 13 मरीजों की टीबी (क्षय रोग) संबंधी जांच, 10 मरीजों की एनीमिया (रक्ताल्पता) संबंधी जांच, और 53 मरीजों की हाइपरटेंशन (उच्च रक्तचाप) संबंधी जांच/परामर्श की गई। अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे मरीजों को भी आवश्यक चिकित्सकीय सेवाएं दी गईं। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने मरीजों को उनकी बीमारी के अनुसार उचित उपचार और स्वास्थ्य संबंधी सलाह दी। गंभीर रूप से बीमार या विशेषज्ञ उपचार की आवश्यकता वाले मरीजों को संबंधित उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया गया।
आयुष्मान भारत योजना के प्रति जन जागरूकता
स्वास्थ्य सेवाओं के वितरण के साथ-साथ, मुख्यमंत्री आरोग्य मेलों में पात्र लाभार्थियों को आयुष्मान भारत योजना की जानकारी भी प्रदान की गई। मेले के दौरान 15 आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (ABHA) बनाए गए, जिससे लाभार्थियों को डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा लोगों को आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं, पात्रता मानदंडों और आवश्यक दस्तावेजों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि पात्र लाभार्थी सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाएं और अपने स्वास्थ्य संबंधी अभिलेखों को सुरक्षित रखें।
संक्रामक रोगों की रोकथाम पर विशेष ध्यान
आरोग्य मेले में संक्रामक एवं वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम को भी प्राथमिकता दी गई। मेले के दौरान 37 मरीजों की हेपेटाइटिस बी, 33 की हेपेटाइटिस सी, और 12 की ईएसआर (एरिथ्रोसाइट सेडीमेंटेशन रेट) जांच की गई। मलेरिया की रोकथाम और समय पर पहचान के लिए 90 मरीजों की रैपिड डायग्नोस्टिक जांच (RDT) की गई। डेंगू की आशंका वाले मरीजों के लिए 34 टेस्ट किए गए। विभागीय टीमों ने लोगों को मच्छरों से बचाव, जल जमाव को रोकने और बुखार होने पर तत्काल स्वास्थ्य केंद्र पर जांच कराने की सलाह दी। रिपोर्ट के अनुसार, मलेरिया और डेंगू की जांच में कोई भी पॉजिटिव केस सामने नहीं आया, जो विभाग के सक्रिय प्रयासों को दर्शाता है।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर जोर
मुख्यमंत्री आरोग्य मेले में विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित किया गया। गर्भवती महिलाओं और अन्य जरूरतमंद मरीजों को आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श और जांच की सुविधा उपलब्ध कराई गई। मेले में आए बच्चों की भी चिकित्सकीय जांच की गई और उन्हें आवश्यक परामर्श दिया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनन्द उपाध्याय ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए स्वास्थ्य टीमों को लगातार कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने गर्भवती महिलाओं को नियमित जांच, संस्थागत प्रसव, पोषण और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं के महत्व के बारे में जागरूक करने पर बल दिया।
गैर-संचारी रोगों की पहचान और प्रबंधन
मुख्यमंत्री आरोग्य मेलों के माध्यम से मधुमेह, उच्च रक्तचाप, त्वचा रोग, श्वसन रोग और अन्य गैर-संचारी रोगों की समय से पहचान करने का प्रयास किया गया। अधिकारियों ने बदलती जीवनशैली के कारण इन रोगों के बढ़ते प्रभाव पर चिंता व्यक्त की और नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, तथा तंबाकू व अन्य हानिकारक पदार्थों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी। मेले में आए मरीजों को चिकित्सकों द्वारा जीवनशैली में आवश्यक सुधार के लिए प्रेरित किया गया। तंबाकू का सेवन करने वाले व्यक्तियों को इसके दुष्परिणामों के बारे में जागरूक करते हुए इसे छोड़ने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनन्द उपाध्याय ने स्वास्थ्यकर्मियों को निर्देश दिए कि वे आरोग्य मेले में आने वाली गर्भवती महिलाओं और बच्चों की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को गंभीरता से लें और आवश्यक सेवाएं प्रदान करें। गंभीर मामलों में, उन्हें उच्च स्तरीय चिकित्सा संस्थानों के लिए समय पर रेफर किया जाए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने का आदेश दिया कि स्वास्थ्य योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी आमजन तक पहुंचे और पात्र लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में स्वास्थ्यकर्मी सक्रिय भूमिका निभाएं।
स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति बढ़ता जन-विश्वास
मुख्यमंत्री आरोग्य मेले में बड़ी संख्या में लोगों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जन-विश्वास में वृद्धि परिलक्षित हुई। एक ही स्थान पर चिकित्सकीय परामर्श, विभिन्न जांचें, रोगों की स्क्रीनिंग, स्वास्थ्य जागरूकता, उपचार और रेफरल जैसी एकीकृत सुविधाएं उपलब्ध होने से लोगों को अत्यंत लाभ मिला। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी स्वास्थ्य समस्या को नजरअंदाज न करें, बल्कि नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर चिकित्सकीय परामर्श लें और समय-समय पर अपनी स्वास्थ्य जांच करवाते रहें। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने जनपदवासियों से मुख्यमंत्री आरोग्य मेला सहित शासन द्वारा संचालित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों का अधिकाधिक लाभ उठाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ समाज के निर्माण में जन-भागीदारी महत्वपूर्ण है, और उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाकर नागरिक अपने व अपने परिवार के स्वास्थ्य को बेहतर बना सकते हैं।
कुल मिलाकर, 16 अगस्त 2026 को फर्रुखाबाद में आयोजित मुख्यमंत्री आरोग्य मेले में 1064 मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गईं। जनपद के 34 स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों ने विभिन्न रोगों की जांच, उपचार, परामर्श, स्वास्थ्य जागरूकता और आवश्यक रेफरल सेवाएं प्रदान कर इस महत्वपूर्ण पहल को सफल बनाया।
