फर्रुखाबाद में खुरपका-मुंहपका रोग से बचाव को टीकाकरण अभियान शुरू
फर्रुखाबाद में 22 जुलाई से 8 सितंबर तक चलेगा विशेष टीकाकरण अभियान, 580 ग्राम पंचायतों में 3.97 लाख पशुओं को लगेगा निःशुल्क टीका।

द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 22 जुलाई 2026
पशुओं को खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) रोग से बचाने के लिए फर्रुखाबाद जिले में एक व्यापक टीकाकरण अभियान बुधवार, 22 जुलाई 2026 को शुरू किया गया। राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत आयोजित इस अभियान का उद्देश्य जिले की 580 ग्राम पंचायतों में लगभग 3.97 लाख पशुओं को निःशुल्क टीका लगाना है।
भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष श्री फतेहचंद वर्मा और मुख्य पशु चिकित्साधिकारी फर्रुखाबाद डॉ. धीरज कुमार शर्मा ने सचल वाहन/1962 मोबाइल वेटरिनरी यूनिट (एमवीयू) को हरी झंडी दिखाकर अभियान की शुरुआत की। इस दौरान, भाजपा जिलाध्यक्ष फतेहचंद वर्मा ने पशुओं को रोगों से बचाने में टीकाकरण अभियान की महत्ता पर जोर दिया और पशु चिकित्साधिकारियों एवं कर्मचारियों से इसे पूरी लगन से संचालित करने का निर्देश दिया।
विशेष टीकाकरण अभियान का विवरण
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. धीरज कुमार शर्मा ने बताया कि खुरपका-मुंहपका रोग के नियंत्रण हेतु यह विशेष टीकाकरण अभियान 22 जुलाई 2026 से प्रारंभ होकर 8 सितंबर 2026 तक चलेगा। इस अवधि में, जिले की सभी 580 ग्राम पंचायतों में पशुपालकों के घरों तक पहुंचकर उनके पशुओं का निःशुल्क टीकाकरण किया जाएगा। इस अभियान का लक्ष्य जनपद में कुल 3 लाख 97 हजार 500 पशुओं का टीकाकरण करना है। इसके लिए पशु चिकित्सा विभाग की विशेष टीमें गांवों में पहुंचकर पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण करेंगी और उन्हें टीका लगाएंगी।
पशुओं की टैगिंग को अनिवार्य बनाया गया
शासन के निर्देशों के अनुसार, टीकाकरण के साथ-साथ पशुओं की टैगिंग को भी अनिवार्य कर दिया गया है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. धीरज कुमार शर्मा के अनुसार, टैगिंग से पशुओं की पहचान आसान होगी, उनके स्वास्थ्य संबंधी रिकॉर्ड बनाए रखने में मदद मिलेगी और भविष्य में विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सुविधा होगी। उन्होंने पशुपालकों से अपील की कि वे अपने सभी योग्य पशुओं का अनिवार्य रूप से टीकाकरण करवाएं और विभागीय टीमों को पूरा सहयोग प्रदान करें। समय पर टीकाकरण से गंभीर बीमारियों से बचाव होगा और पशुपालकों को होने वाले आर्थिक नुकसान से राहत मिलेगी।
इस शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान नोडल अधिकारी डॉ. बी.पी. सिंह, डॉ. धनेश कुमार गुप्ता सहित पशु चिकित्सा विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। यह राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत संचालित अभियान पशुओं के स्वास्थ्य संरक्षण और पशुपालन क्षेत्र को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विभाग द्वारा अभियान की प्रगति की नियमित निगरानी की जाएगी ताकि निर्धारित लक्ष्य को समय सीमा के भीतर पूरा किया जा सके।
