फर्रुखाबाद में गंगा खतरे के निशान से 20 सेमी दूर, प्रशासन सतर्क
फर्रुखाबाद में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और लोहिया सेतु पर यह खतरे के निशान से मात्र 20 सेमी नीचे है। जिला प्रशासन सतर्क हो गया है।

द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 2 अगस्त 2026
उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जनपद में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। रविवार शाम 4 बजे लोहिया सेतु (पांचालघाट) पर गंगा नदी का जलस्तर 136.90 मीटर दर्ज किया गया। यह जलस्तर चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर को पार कर चुका है और खतरे के निशान 137.10 मीटर से मात्र 20 सेंटीमीटर नीचे है। इस स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और बाढ़ नियंत्रण विभाग पूरी तरह से सतर्क हो गए हैं।
वहीं, जिले से होकर बहने वाली रामगंगा नदी का जलस्तर फिलहाल खतरे के निशान से नीचे बना हुआ है। रामगंगा नदी के ब्रह्मदत्त द्विवेदी सेतु पर जलस्तर सामान्य बताया गया है। विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, नरौरा बैराज से गंगा नदी में वर्तमान में 1,72,721 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इसके अतिरिक्त, खो बैराज से 920 क्यूसेक, हरेली बैराज से 140 क्यूसेक और रामनगर बैराज से 500 क्यूसेक पानी का प्रवाह जारी है। इन सभी स्रोतों से रामगंगा नदी में कुल 1,560 क्यूसेक पानी का प्रवाह हो रहा है।
निचले इलाकों पर विशेष निगरानी
गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर के मद्देनजर, जिला प्रशासन ने निचले इलाकों पर विशेष निगरानी बढ़ा दी है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयारियां की जा रही हैं और स्थानीय नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। बाढ़ नियंत्रण विभाग लगातार जलस्तर की निगरानी कर रहा है और आवश्यक कदम उठाने के लिए तैयार है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो निचले इलाकों के लोगों को स्थानांतरित करने की व्यवस्था पर भी विचार किया जाएगा।
आसपास के गांवों और शहरी क्षेत्रों के निचले हिस्सों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सर्वोपरि है। प्रशासन ने आपदा प्रबंधन टीमों को भी तैयार रहने का निर्देश दिया है ताकि किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके।
