फर्रुखाबाद में गणेश चतुर्थी: 250 स्थानों पर बप्पा की स्थापना, गूंजे जयकारे
फर्रुखाबाद में गणेश चतुर्थी का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। शहर और जिले में लगभग 250 स्थानों पर गणेश प्रतिमाएं स्थापित की...

फर्रुखाबाद | संवाददाता: संदीप तिवारी
द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 14 सितंबर 2026
फर्रुखाबाद शहर और जिले के विभिन्न इलाकों में सोमवार को गणेश चतुर्थी का पर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। श्रद्धालुओं ने शुभ मुहूर्त में विधि-विधान के साथ भगवान गणेश की प्रतिमाओं को अपने घरों और सार्वजनिक पूजा पंडालों में स्थापित कर वातावरण को मंगलमय बना दिया। शहर में करीब 250 स्थानों पर प्रतिमाएं स्थापित होने से पूरा क्षेत्र गणेशमय हो गया है।
गणेश उत्सव की तैयारियों में जुटे लोगों ने सोमवार को धूम-धड़ाके के साथ बप्पा का स्वागत किया। प्रतिमाओं की स्थापना से पहले पूजा स्थलों को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। गणपति बप्पा की प्रतिमाएं ले जाते समय श्रद्धालुओं में उत्साह देखते ही बन रहा था। ढोल-नगाड़ों की गूंज और 'गणपति बप्पा मोरया' के जयघोषों के बीच विभिन्न पंडालों में प्रतिमा स्थापना का कार्य संपन्न हुआ।
घरों में भी दिखी गणपति स्थापना की धूम
शहर के विभिन्न मोहल्लों में परिवारों ने अपने घरों में भी भगवान गणेश की प्रतिमाएं स्थापित कीं। परिवार के सदस्यों ने मिलकर गणपति पूजन किया। इस अवसर पर बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी में गणेश उत्सव को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने दूर्वा, पुष्प, मोदक और विभिन्न प्रकार के भोग अर्पित कर भगवान गणेश की आराधना की।
सार्वजनिक पंडालों में विशेष सजावट
सार्वजनिक स्थानों पर बनाए गए पूजा पंडालों को रंग-बिरंगी झालरों और फूलों से बड़ी खूबसूरती से सजाया गया था। सोमवार सुबह से ही प्रतिमाओं को घरों और पंडालों तक पहुंचाने का सिलसिला शुरू हो गया था, जो देर शाम तक जारी रहा। ट्रैक्टर-ट्रॉली, ई-रिक्शा और अन्य वाहनों से प्रतिमाएं ले जाते श्रद्धालु जगह-जगह दिखाई दिए। प्रमुख मार्गों और बाजारों में इस दौरान काफी चहल-पहल बनी रही।
उत्सव का माहौल और आगामी कार्यक्रम
शाम होते ही स्थापित प्रतिमाओं के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ पंडालों में जुटने लगी, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्सव का वातावरण छा गया। आगामी दिनों में इन पंडालों में नियमित पूजा-अर्चना, आरती और विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जो उत्सव की छटा को और बढ़ाएंगे।
