फर्रुखाबाद में ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ सघन अभियान, 3 ट्रक सीज, 67 हजार का जुर्माना
फर्रुखाबाद में जिलाधिकारी के निर्देश पर एआरटीओ-प्रवर्तन और यातायात पुलिस ने मॉडिफाइड साइलेंसर और प्रेशर हॉर्न के खिलाफ अभियान चलाया। तीन ट्रकों को सीज कर 30 हजार का जुर्माना लगाया गया, वहीं तीन बुलेट पर 67 हजार का जुर्माना ठोका गया।

द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 30 जुलाई 2026
उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद शहर में जिलाधिकारी डा0 अंकुर लाठर के सख्त निर्देशों के बाद ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के खिलाफ एक सघन अभियान चलाया गया। इस अभियान का नेतृत्व एआरटीओ-प्रवर्तन सुभाष राजपूत और यातायात प्रभारी ओम प्रकाश पांडेय ने किया। अभियान का मुख्य उद्देश्य नगर में मॉडिफाइड साइलेन्सर, प्रेशर हार्न और हूटर के इस्तेमाल पर अंकुश लगाना था, जो यातायात नियमों का उल्लंघन कर ध्वनि प्रदूषण फैला रहे हैं।
अभियान के दौरान, तीन ट्रकों को प्रेशर हार्न का प्रयोग करते हुए पाया गया। इन वाहनों को तत्काल सीज कर दिया गया और उन पर कुल 30,000 रुपये का भारी जुर्माना लगाया गया। यह कार्रवाई ध्वनि प्रदूषण के प्रति विभाग की गंभीरता को दर्शाती है।
बुलेट मोटरसाइकिलों पर भी की गई कार्रवाई
इसके साथ ही, शहर की सड़कों पर तीन बुलेट मोटरसाइकिलों को मॉडिफाइड साइलेन्सर के साथ चलते हुए पाया गया। इन मोटरसाइकिलों के चालानों के साथ-साथ उन पर कुल 67,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। नियमों के उल्लंघन के मद्देनजर, इन मोटरसाइकिलों के चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस और वाहनों के पंजीकरण प्रमाण पत्र (आरसी) को तीन महीने के लिए निलंबित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
जांच दल ने कादरी गेट थाना क्षेत्र के अंतर्गत अंकुर ऑटो एजेंसी, जो रॉयल एनफील्ड की अधिकृत विक्रेता है, की वर्कशॉप का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान, सर्विस के लिए आई एक बुलेट मोटरसाइकिल में मॉडिफाइड साइलेन्सर लगा पाया गया। इस मोटरसाइकिल का वर्कशॉप के अंदर ही चालान किया गया, जिस पर 20,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया और तत्काल मॉडिफाइड साइलेन्सर को हटवा दिया गया।
वर्कशॉप संचालकों को दी गई चेतावनी
टीम ने इसके बाद शहर में मोटरसाइकिल मरम्मत का कार्य करने वाली अन्य दुकानों का भी सर्वेक्षण किया। इन दुकानों पर मॉडिफाइड साइलेन्सर की जांच की गई और संचालकों को कड़ी चेतावनी दी गई। उन्हें स्पष्ट निर्देश दिए गए कि यदि भविष्य में उनकी दुकानों पर मॉडिफाइड साइलेन्सर पाए गए, तो उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, मॉडिफाइड साइलेन्सर, प्रेशर हार्न या हूटर लगाने वाले डीलर, मोटर गैराज या वर्कशॉप संचालकों पर भी कार्रवाई का प्रावधान है। ऐसे संचालकों पर मोटरयान अधिनियम के तहत प्रति उल्लंघन एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
वाहन स्वामियों द्वारा अपने वाहनों के पुर्जों में किसी भी प्रकार का परिवर्तन मोटरयान अधिनियम के तहत विधिक कार्यवाही के दायरे में आएगा। प्रथम अपराध के लिए वाहन मालिक को 10,000 रुपये के जुर्माने के साथ-साथ तीन महीने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किया जाएगा। जिन वाहनों में ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले उपकरण पाए गए हैं, उनके पंजीकरण प्रमाण पत्र को निलंबित करने की कार्यवाही भी प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित की जा रही है। परिवहन विभाग ने नागरिकों से मॉडिफाइड साइलेंसर का प्रयोग करने वाले वाहनों की शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर 1800 1800 151 और 149 पर संपर्क करने की भी अपील की है।
