फर्रुखाबाद में डायरिया के प्रति जागरूकता रैली, छात्राओं ने दिया संदेश
विश्व ओआरएस दिवस पर रामानंद बालिका इंटर कॉलेज की छात्राओं ने डायरिया से बचाव और उपचार को लेकर जागरूकता रैली निकाली। स्वास्थ्य विभाग ने भी गोष्ठी आयोजित की।

द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 31 जुलाई 2026
विश्व ओआरएस दिवस के अवसर पर फर्रुखाबाद में डायरिया जैसी गंभीर बीमारी के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए एक विशेष अभियान चलाया गया। रामानंद बालिका इंटर कॉलेज की छात्राओं ने एक रैली निकालकर लोगों को डायरिया के कारणों, बचाव और उपचार के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी। इस आयोजन का उद्देश्य विशेष रूप से शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों में डायरिया से होने वाली मृत्यु दर को समाप्त करना है।
स्थानीय स्वास्थ्य विभाग ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में एक जागरूकता गोष्ठी का भी आयोजन किया। यह कार्यक्रम पापुलेशन सर्विसेज इंटरनेशनल इंडिया (पीएसआई इंडिया) और केनव्यू के सहयोग से “डायरिया से डर नहीं” अभियान के तहत संपन्न हुआ। गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सर्वेश यादव ने बताया कि डायरिया से घबराने के बजाय सतर्क रहना आवश्यक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि किसी बच्चे को दिन में दो से तीन बार पतले दस्त हों, तो तत्काल ओआरएस का घोल और जिंक की दवा देनी चाहिए, जो इस बीमारी के प्रबंधन का सबसे प्रभावी तरीका है।
'डायरिया से डर नहीं' अभियान का उद्देश्य
डॉ. सर्वेश यादव ने बताया कि 'डायरिया से डर नहीं' अभियान का मुख्य लक्ष्य डायरिया के कारण होने वाली शिशु मृत्यु दर को पूरी तरह समाप्त करना है। इसके लिए लोगों को दस्त प्रबंधन के प्रति शिक्षित और जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने आश्वस्त किया कि ओआरएस का घोल और जिंक की गोलियां जिले की सभी स्वास्थ्य इकाइयों और आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर सभी को तत्काल सहायता मिल सके।
जन जागरूकता के लिए विभिन्न माध्यमों का प्रयोग
इस अवसर पर पीएसआई इंडिया के अमरीश पांडेय ने जिले में चल रहे स्टॉप डायरिया अभियान की गतिविधियों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत प्रचार वाहनों के माध्यम से लगातार लोगों तक डायरिया से बचाव के संदेश पहुंचाए जा रहे हैं। साथ ही, स्कूलों में भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं ताकि बच्चों और शिक्षकों को इस बारे में शिक्षित किया जा सके। इसके अतिरिक्त, नगर पालिका की कूड़ा संग्रहण गाड़ियों के माध्यम से भी डायरिया से बचाव के महत्वपूर्ण संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं, ताकि जन-जन तक यह जानकारी पहुंचे।
रैली के दौरान रामानंद बालिका इंटर कॉलेज की छात्राओं ने हाथों में स्वच्छता अपनाने, साफ पानी पीने और समय पर उचित उपचार कराने के महत्व को दर्शाने वाली तख्तियां लेकर लोगों को प्रेरित किया। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने इस बात पर बल दिया कि जागरूकता ही डायरिया जैसी बीमारियों से बचाव का सबसे प्रभावी और सुलभ उपाय है।
गोष्ठी में जिला कार्यक्रम प्रबंधक कंचन बाला, डीसीपीएम रणविजय प्रताप सिंह, शहरी स्वास्थ्य समन्वयक राजीव पाठक, डॉ. विवेक सक्सेना, डॉ. शोभा सक्सेना, रामानंद बालिका इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्या रीता दुबे, अध्यापिका फरहाना, पीएसआई इंडिया के अनुपम मिश्र सहित कई अन्य अधिकारी और प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
