फर्रुखाबाद में बाल विवाह रोकने पर जोर, बाल श्रमिकों के खिलाफ अभियान के निर्देश
फर्रुखाबाद में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बाल कल्याण समिति की बैठक हुई, जिसमें बाल विवाह, बाल श्रमिकों और नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई।

द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 7 अगस्त 2026
फर्रुखाबाद के कलेक्ट्रेट सभागार, फतेहगढ़ में जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर की अध्यक्षता में जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति तथा उ.प्र. मुख्यमंत्री बाल सेवा योजनान्तर्गत जिला टास्क फोर्स की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में बाल विवाह की रोकथाम, बाल श्रमिकों की पहचान और नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने जैसे गंभीर मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
जिलाधिकारी ने सहायक श्रमायुक्त को निर्देश दिया कि जनपद के होटलों, ढाबों और कारखानों में बाल श्रमिकों की उपस्थिति की जांच के लिए श्रम विभाग द्वारा निरंतर अभियान चलाया जाए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी दशा में बाल श्रमिकों का शोषण न हो और उनका बचपन सुरक्षित रहे।
नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
बैठक में जिलाधिकारी ने ए.आर.टी.ओ. को निर्देशित किया कि वे अत्यंत गंभीरता और सघनता के साथ अभियान चलाकर यह सुनिश्चित करें कि 18 वर्ष से कम उम्र के किसी भी बच्चे या किशोर द्वारा स्कूटी या किसी भी प्रकार का वाहन, यहां तक कि ई-रिक्शा भी चलाते हुए पाए जाने पर तत्काल विधिक कार्रवाई की जाए। यह कदम सड़कों पर नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने से होने वाले हादसों को रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
बाल विवाह की रोकथाम के लिए जागरूकता और कार्रवाई
जिला विद्यालय निरीक्षक और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को प्रत्येक विद्यालय में बाल विवाह की रोकथाम के संबंध में हर महीने एक गोष्ठी आयोजित करने के निर्देश दिए गए। इन गोष्ठियों का उद्देश्य बच्चों को बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना होगा। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि बाल विवाह की किसी भी घटना की सूचना चाईल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098, इमरजेंसी नंबर 112 अथवा विभागीय सी.यू.जी. नंबर 7518024057 पर दी जा सकती है।
मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के लंबित आवेदनों का शीघ्र सत्यापन
उ.प्र. मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) के तहत सभी लंबित आवेदन पत्रों के शीघ्र सत्यापन की आवश्यकता पर भी बैठक में बल दिया गया। जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी और खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे इन आवेदनों का सत्यापन कर उन्हें शीघ्र अति शीघ्र समिति के समक्ष प्रस्तुत करें, ताकि पात्र लाभार्थियों को समय पर सहायता मिल सके।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार गौड़, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दीपक कटारिया, सी.ओ. अजय वर्मा, जिला प्रोबेशन अधिकारी अनिल चंद्र, जिला कार्यक्रम अधिकारी, ए.आर.टी.ओ., सहायक श्रमायुक्त, समस्त खंड विकास अधिकारी, संरक्षण अधिकारी, विधि सह परिवीक्षा अधिकारी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
