फर्रुखाबाद में बाढ़ का अलर्ट, प्रशासन ने पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया
फर्रुखाबाद में बाढ़ की आशंका के चलते प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। एसडीएम ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया और ग्रामीणों को सतर्क रहने के निर्देश दिए।

द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 27 अगस्त 2026
फर्रुखाबाद में बढ़ते जलस्तर के मद्देनजर प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया है। बाढ़ की किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा उपायों को कड़ा कर दिया गया है और प्रभावित इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। पुलिस और राजस्व टीमें संयुक्त रूप से कार्य कर रही हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
इटावा-बरेली हाईवे पर थाना राजेपुर क्षेत्र के गांधी गांव के पास सड़क किनारे बंधे पशुओं की सूचना मिलने पर एक राजस्व और पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची। लेखपाल श्रवण यादव, एसआई आशुतोष कुमार और हेड कांस्टेबल विनय कुमार ने बल के साथ मिलकर सड़क पर बंधे लगभग एक दर्जन पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर हटवाया। अधिकारियों ने स्थानीय ग्रामीणों से अपील की है कि वे अपने पशुओं को मोहम्मदपुर गढ़िया के निकट स्थापित सुरक्षित आश्रय स्थलों पर ले जाएं। यह कदम हाईवे पर आवागमन को सुगम बनाने और संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण और राहत तैयारियों का जायजा
इसी क्रम में, उपजिलाधिकारी (एसडीएम) श्वेता साहू ने लेखपाल पवन कुमार के साथ चित्रकूट डिप पर बाढ़ की स्थिति का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने स्थानीय निवासियों को बाढ़ के पानी में न जाने तथा तत्काल ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की सलाह दी। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि यदि गांवों में बाढ़ का पानी पहुंचता है, तो सभी प्रभावित ग्रामीण रामनिवास महाविद्यालय में स्थित बाढ़ संरक्षण केंद्र में स्थानांतरित हो जाएं। इस केंद्र में बाढ़ पीड़ितों के लिए सभी आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।
इसके बाद, उपजिलाधिकारी श्वेता साहू और तहसीलदार शशांक सिंह बदनपुर गांव के किनारे पहुंचे, जहाँ उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों से बाढ़ की वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों ने ग्रामीणों को विशेष रूप से सतर्क रहने और बाढ़ के पानी से दूरी बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए।
राहत सामग्री वितरण में तेजी के निर्देश
बाढ़ प्रभावित गांवों में राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने के लिए उपजिलाधिकारी श्वेता साहू ने लेखपालों को तत्काल राहत सामग्री वितरित करने के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि लेखपाल घर-घर जाकर प्रभावित परिवारों तक आवश्यक सहायता पहुंचाएं, ताकि किसी को भी समय पर मदद मिलने में देरी न हो। एसडीएम ने लेखपालों से गांवों में बाढ़ की स्थिति और प्रभावित परिवारों की सटीक जानकारी जुटाने तथा राहत सामग्री के वितरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने को कहा। उन्होंने कहा कि प्रशासन की सर्वोपरि प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि बाढ़ से प्रभावित प्रत्येक व्यक्ति तक हर संभव सहायता पहुंचाई जाए।
उपजिलाधिकारी श्वेता साहू ने आगे बताया कि अमृतपुर तहसील क्षेत्र में कुल 14 बाढ़ संरक्षण केंद्र स्थापित किए गए हैं। वर्तमान में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और प्रशासन की टीमें स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने स्थानीय नागरिकों से प्रशासन के साथ सहयोग करने तथा किसी भी आपातकालीन स्थिति में तत्काल सुरक्षित आश्रय की ओर बढ़ने की अपील की है।
