फर्रुखाबाद में औद्योगिक आपदा प्रबंधन का सफल मॉक ड्रिल, विभागों ने परखी तैयारी
फर्रुखाबाद में 12-13 अक्टूबर 2026 को एनडीआरएफ और जिला प्रशासन ने इण्डेन बॉटलिंग प्लांट में मॉक ड्रिल आयोजित कर आपदा प्रबंधन की क्षमता जांची।

फर्रुखाबाद | संवाददाता: संदीप तिवारी
द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 13 अक्टूबर 2026
फर्रुखाबाद में औद्योगिक आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों को पुख्ता करने के उद्देश्य से 8वीं वाहिनी एनडीआरएफ गाजियाबाद और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा दो दिवसीय मॉक एक्सरसाइज का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। यह अभ्यास 12 और 13 अक्टूबर 2026 को संपन्न हुआ, जिसका मुख्य लक्ष्य किसी भी आपदा की स्थिति में विभिन्न विभागों के मध्य समन्वय स्थापित कर त्वरित एवं प्रभावी राहत कार्य सुनिश्चित करना था।
आपदा प्रबंधन पर ओरिएंटेशन और टेबल टॉप एक्सरसाइज
अभ्यास के प्रथम चरण में 12 अक्टूबर को फतेहगढ़ स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में एक ओरिएंटेशन कॉन्फ्रेंस और टेबल टॉप एक्सरसाइज का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में आपदा प्रबंधन से जुड़े विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इस सत्र के दौरान, इण्डेन बॉटलिंग प्लांट के मुख्य संयंत्र प्रबंधक ने इन्सिडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम (IRS) पर एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया, जिसमें किसी भी आपातकालीन स्थिति में विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियों और उपलब्ध संसाधनों के प्रभावी उपयोग की रूपरेखा तैयार की गई। इसी बैठक में गैसिंगपुर स्थित इण्डेन बॉटलिंग प्लांट को दूसरे दिन होने वाली मॉक ड्रिल के लिए चिन्हित किया गया।
गैस रिसाव और आग लगने की काल्पनिक घटना पर मॉक ड्रिल
अभ्यास के दूसरे दिन, 13 अक्टूबर को प्रातः 11 बजे गैसिंगपुर स्थित इण्डेन बॉटलिंग प्लांट में एक वास्तविक आपदा जैसी स्थिति का मंचन किया गया। यहां गैस रिसाव के कारण आग लगने की काल्पनिक घटना पर आधारित एक व्यापक मॉक ड्रिल का संचालन किया गया। इस दौरान, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम, स्थानीय जिला प्रशासन, अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य सेवाएं और यातायात प्रबंधन से जुड़ी एजेंसियों ने सक्रियता से भाग लिया। मॉक ड्रिल में संबंधित विभागों द्वारा त्वरित प्रतिक्रिया, प्रभावी बचाव कार्यों के संचालन और विभिन्न एजेंसियों के बीच सुचारू तालमेल का प्रदर्शन किया गया, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वास्तविक आपातकाल में न्यूनतम समय में अधिकतम राहत पहुंचाई जा सके।
जन-धन हानि को न्यूनतम करना मुख्य उद्देश्य
इस संयुक्त अभ्यास में एनडीआरएफ के डिप्टी कमांडेंट डॉ. कुबेर शर्मा, निरीक्षक भीम सिंह, उप जिलाधिकारी सदर, सहायक परिवहन अधिकारी और मुख्य अग्निशमन अधिकारी सहित अन्य महत्वपूर्ण हितधारक उपस्थित रहे। इस पूरे प्रयास का केंद्रीय उद्देश्य भविष्य में किसी भी प्रकार की औद्योगिक दुर्घटना की स्थिति में होने वाली जन-धन की हानि को न्यूनतम करना है। अधिकारियों का मानना है कि इस प्रकार के नियमित और यथार्थवादी अभ्यासों से आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणालियों को और अधिक सुदृढ़ बनाने में मदद मिलती है। एनडीआरएफ और जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से यह मॉक ड्रिल सफलतापूर्वक संपन्न हुई, जिसने औद्योगिक प्रतिष्ठानों में सुरक्षा व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
