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फर्रुखाबाद में आईटीआई चौराहे पर जाम, व्यापारी बोले - व्यवस्था सुधारे प्रशासन

फर्रुखाबाद के आईटीआई चौराहे पर प्राइवेट बसों के अनियंत्रित संचालन से लगे जाम से व्यापारी परेशान हैं। उन्होंने प्रशासन से व्यवस्था सुधारने की मांग की है।

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फर्रुखाबाद में आईटीआई चौराहे पर जाम, व्यापारी बोले - व्यवस्था सुधारे प्रशासन

द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 21 जुलाई 2026

फर्रुखाबाद शहर की जीवनरेखा माने जाने वाले आईटीआई चौराहे पर प्राइवेट बसों के अनियंत्रित आवागमन और सवारियां भरने की मनमानी प्रक्रिया के कारण उत्पन्न भीषण जाम ने व्यापारियों को प्रशासन के खिलाफ आवाज उठाने पर मजबूर कर दिया है। भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के युवा जिलाध्यक्ष सन्देश अग्रवाल के नेतृत्व में व्यापारियों ने अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश सिंह की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में इस समस्या को प्रमुखता से उठाया। उनका कहना है कि इस अराजकता के कारण आम जनता का जीवन दूभर हो गया है और अब इस समस्या का स्थायी समाधान अत्यंत आवश्यक है।

बैठक में व्यापारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप नहीं किया, तो शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा जाएगी। युवा जिला उपाध्यक्ष रवि श्रीवास्तव ने अपर जिलाधिकारी (एआरटीओ) के समक्ष यह मुद्दा रखते हुए बसों के संचालन को व्यवस्थित करने और चौराहे पर प्रभावी यातायात प्रबंधन लागू करने की मांग की। व्यापारियों का तर्क है कि प्राइवेट बसों के लिए निर्धारित स्टैंड और रूटों के अभाव में यह अव्यवस्था पनप रही है, जिससे हर दिन घंटों जाम में फंसने से न केवल बहुमूल्य समय बर्बाद होता है, बल्कि व्यापारिक गतिविधियों पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। यह स्थिति विशेष रूप से सुबह और शाम के व्यस्ततम घंटों में भयावह हो जाती है, जब स्कूल और ऑफिस जाने वाले लोग फंसे रहते हैं, जिससे उनकी दिनचर्या प्रभावित होती है।

जाम का मूल कारण: बसों का अनियंत्रित संचालन

व्यापारियों के अनुसार, आईटीआई चौराहे पर जाम का मुख्य कारण प्राइवेट बस ऑपरेटरों द्वारा यातायात नियमों का उल्लंघन और अव्यवस्थित पार्किंग है। बसें सड़क के किनारे मनमाने ढंग से खड़ी हो जाती हैं, सवारियों को उतारने-चढ़ाने के लिए अचानक ब्रेक लगा देती हैं, जिससे यातायात का प्रवाह रुक जाता है। इस पर किसी भी प्रकार का प्रभावी अंकुश न होने के कारण समस्या दिनों-दिन विकराल रूप धारण करती जा रही है। युवा जिलाध्यक्ष सन्देश अग्रवाल ने कहा कि जब तक बसों के लिए एक निश्चित समय-सारणी और रूट तय नहीं किए जाते, और उनका सख्ती से पालन नहीं करवाया जाता, तब तक इस समस्या का समाधान संभव नहीं है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि वह नियमित रूप से इन बसों की जांच करे और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे।

एआरटीओ कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, शहर में संचालित अधिकांश प्राइवेट बसों के पास परमिट संबंधी अनियमितताएं भी पाई गई हैं, जिसके कारण उनका संचालन पूरी तरह से अवैध हो जाता है। हालांकि, इस ओर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। व्यापारियों ने इस बात पर भी जोर दिया कि चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस की उपस्थिति को बढ़ाया जाए, ताकि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर तुरंत कार्रवाई हो सके। उनका मानना है कि केवल नियमों का होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका प्रभावी क्रियान्वयन भी आवश्यक है।

कूड़े के ढेर और स्ट्रीट फूड की गुणवत्ता पर भी चिंता

यातायात जाम के अलावा, बैठक में अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। श्यामनगर क्रॉसिंग के निकट विद्या मंदिर कॉलेज के सामने खुले में कूड़ा डाले जाने की समस्या पर व्यापारियों ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की, क्योंकि इस प्रकार की लापरवाही न केवल शहर की छवि को धूमिल करती है, बल्कि स्वास्थ्य संबंधी गंभीर खतरे भी पैदा करती है। कूड़े के ढेर से उत्पन्न होने वाली दुर्गंध और मक्खियों का प्रकोप स्थानीय निवासियों और व्यापारियों के लिए एक बड़ी परेशानी बन गया है।

इसके अतिरिक्त, शहर में संचालित स्ट्रीट फूड की गुणवत्ता की नियमित जांच और खाद्य सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराने की मांग भी बैठक में उठाई गई। व्यापारियों का मानना है कि खाद्य पदार्थों में मिलावट और अस्वच्छता पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन को सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है। वे चाहते हैं कि इस संबंध में कड़े नियम लागू किए जाएं और उनका प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित हो, ताकि आम जनता के स्वास्थ्य की रक्षा की जा सके। विशेष रूप से, ठेले-फुटपाथ पर बिकने वाले खाद्य पदार्थों की जांच अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि अक्सर इनके लिए स्वच्छता और गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं किया जाता।

सुरक्षा बढ़ाने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने पर सहमति

शहर की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से भी बैठक में अहम चर्चा हुई। प्रशासन ने व्यापारियों से प्रमुख बाजारों और व्यस्त चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की अपील की। इस प्रस्ताव पर व्यापारियों ने सकारात्मक सहमति जताई। उनका मानना है कि सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ने से जहां अपराधों पर अंकुश लगेगा, वहीं बाजारों में सुरक्षा का माहौल और अधिक मजबूत होगा। यह कदम शहरवासियों को एक सुरक्षित वातावरण प्रदान करने में महत्वपूर्ण साबित होगा। कैमरों के माध्यम से संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा सकेगी और किसी भी घटना के बाद जांच में भी सहायता मिलेगी।

इस महत्वपूर्ण बैठक में भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के युवा जिलाध्यक्ष सन्देश अग्रवाल, प्रबल माहेश्वरी, रवि श्रीवास्तव, कुलदीप सिंह और संदीप सक्सेना सहित बड़ी संख्या में व्यापारी पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे। व्यापारियों ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन उनकी जायज समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र ठोस और प्रभावी कदम उठाएगा, जिससे न केवल व्यापारियों को राहत मिलेगी, बल्कि शहरवासियों को भी दैनिक जीवन में सुगमता प्राप्त होगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो वे आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।