फर्रुखाबाद में 34 स्वास्थ्य केंद्रों पर लगे मेले, 1651 मरीजों को मिला उपचार
फर्रुखाबाद में 34 स्वास्थ्य केंद्रों पर 1651 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण हुआ। बुखार, गैस्ट्रो, डायबिटीज, हाइपरटेंशन और त्वचा संबंधी बीमारियों का उपचार दिया गया।

फर्रुखाबाद | संवाददाता: संदीप तिवारी
द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 13 सितंबर 2026
फर्रुखाबाद जिले के सुदूर और ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ कराने के उद्देश्य से रविवार को 34 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) पर विशेष स्वास्थ्य मेलों का आयोजन किया गया। इन मेलों के माध्यम से कुल 1651 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जिन्हें आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श के साथ दवाएं भी उपलब्ध कराई गईं।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, मेलों में पहुंचे मरीजों में 358 बुखार, 206 गैस्ट्रो, 194 डायबिटीज, 62 हाइपरटेंशन और 411 त्वचा संबंधी समस्याओं से ग्रसित पाए गए। इसके अतिरिक्त, 658 मरीजों को अन्य सामान्य बीमारियों के लिए उपचार दिया गया। स्वास्थ्य टीमों ने प्रत्येक मरीज की बारीकी से जांच कर उन्हें उचित सलाह और दवाएं दीं।
स्वास्थ्य सेवाओं का निरीक्षण और व्यवस्थाओं का जायजा
आयोजित स्वास्थ्य मेलों की गुणवत्ता और व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने के लिए विभागीय अधिकारियों ने विभिन्न केंद्रों पर औचक निरीक्षण किया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. आनंद उपाध्याय ने स्वयं पीएचसी खिमसेपुर और पीएचसी धीरपुर का दौरा कर स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों को निर्देश दिया कि मरीजों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और उन्हें प्राथमिकता के आधार पर चिकित्सा उपलब्ध कराई जाए।
उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दीपक कटारिया और एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. रणधीर सिंह ने पीएचसी सबलपुर का निरीक्षण किया। वहीं, डॉ. सरवर इकबाल ने पीएचसी कुइनयाँखेरा और पीएचसी फैजबाग का दौरा किया। इन निरीक्षणों के दौरान, शमसाबाद और जहाँगंज स्थित बाढ़ चौकियों पर भी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने पहुंचकर वहां की व्यवस्थाओं को परखा। डॉ. परीक्षित सफीर और डॉ. अनुनय कुटार ने पीएचसी नियमातपुर ठाकुरान और जहाँगंज में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति की समीक्षा की।
ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने पर ज़ोर
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय ने बताया कि इन स्वास्थ्य मेलों का प्राथमिक उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाना है। उन्होंने सभी स्वास्थ्यकर्मियों को निर्देश दिए कि वे आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को समय पर जांच और दवाएं सुलभ कराएं। डॉ. उपाध्याय ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य तैयारियों को मजबूत रखने के लिए अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि विभाग का प्रयास है कि भविष्य में भी इसी प्रकार की स्वास्थ्य सेवाएं निरंतरता के साथ स्थानीय निवासियों को उपलब्ध कराई जाती रहें, ताकि उन्हें घर के समीप ही बेहतर चिकित्सा मिल सके।
