फर्रुखाबाद में 34 स्वास्थ्य केंद्रों पर लगे आरोग्य मेले में 1327 मरीजों का हुआ निःशुल्क उपचार
फर्रुखाबाद: 9 अगस्त 2026 को जनपद के 34 स्वास्थ्य केंद्रों पर मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का आयोजन किया गया, जिसमें 1327 मरीजों ने निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया।

द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 9 अगस्त 2026
जनपद फर्रुखाबाद में रविवार, 9 अगस्त 2026 को मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का आयोजन किया गया, जिसमें कुल 1327 लोगों ने विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। जनपद के 34 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) और शहरी स्वास्थ्य केंद्रों (UHC) पर आयोजित इस विशेष स्वास्थ्य शिविर में आम नागरिकों को उनके निकटतम स्वास्थ्य सुविधाओं पर गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराया गया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. आनन्द उपाध्याय ने बताया कि मुख्यमंत्री आरोग्य मेला सरकार की एक महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी पहल है, जिसका मुख्य उद्देश्य नागरिकों को उनके घर के करीब ही बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग सामान्य बीमारियों के साथ-साथ गंभीर और गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग, जांच और परामर्श जैसी सेवाएं भी उपलब्ध करा रहा है, ताकि आवश्यकतानुसार मरीजों को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया जा सके।
आरोग्य मेले में स्वास्थ्य सेवाओं का व्यापक कवरेज
आरोग्य मेले में कुल 1327 मरीजों का पंजीकरण हुआ, जिसमें 599 पुरुष, 557 महिलाएं और 171 बच्चे शामिल थे। स्वास्थ्य सेवाओं के सुचारू संचालन के लिए 36 चिकित्सक और 166 पैरामेडिकल स्टाफ को तैनात किया गया था, जिन्होंने मरीजों के स्वास्थ्य की जांच की और उन्हें आवश्यक परामर्श व उपचार प्रदान किया।
जांच के दौरान, त्वचा रोग से संबंधित 359, गैस्ट्रो रोग से संबंधित 174, मधुमेह के 178, श्वसन रोग के 187, उच्च रक्तचाप के 87, एनीमिया के 10 और कैंसर के 7 मरीजों का परामर्श किया गया। यह दर्शाता है कि मेले में विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं का समाधान उपलब्ध था।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री आरोग्य मेले में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को विशेष महत्व दिया गया। इस दौरान 95 गर्भवती महिलाओं (ANC) को आवश्यक स्वास्थ्य जांच, परामर्श और मार्गदर्शन प्रदान किया गया। बच्चों के स्वास्थ्य की भी जांच की गई और आवश्यकतानुसार उपचार की व्यवस्था की गई, जिससे नवजात शिशुओं और बच्चों के स्वस्थ विकास को बढ़ावा मिल सके।
संक्रामक और गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग
सार्वजनिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के उद्देश्य से, मेले में विभिन्न संक्रामक और गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग भी की गई। 31 टीबी (तपेदिक) संदिग्ध मरीजों की पहचान की गई, जिनके आगे के उपचार की व्यवस्था की जाएगी। हेपेटाइटिस-बी के 65 और हेपेटाइटिस-सी के 62 कार्ड टेस्ट किए गए, हालांकि इनमें कोई भी मामला पॉजिटिव नहीं पाया गया। इसके अतिरिक्त, बुखार से पीड़ित 205 मरीजों की जांच की गई, जबकि मलेरिया के लिए 106 रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट और डेंगू के लिए 42 टेस्ट किए गए, जिनमें कोई पॉजिटिव केस सामने नहीं आया।
स्वास्थ्य जागरूकता और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का प्रसार
आरोग्य मेले में लोगों को तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले गंभीर दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया गया। 20 लोगों को तंबाकू छोड़ने के लिए परामर्श दिया गया, ताकि वे एक स्वस्थ जीवनशैली अपना सकें। आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता (ABHA) आईडी बनाने की सुविधा भी प्रदान की गई, जिसके तहत 28 ABHA ID बनाए गए। साथ ही, 13 गोल्डन कार्ड भी बनाए गए, जो पात्र लाभार्थियों को स्वास्थ्य बीमा का लाभ प्रदान करेंगे। 11 मरीजों को टेलीमेडिसिन के माध्यम से विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श उपलब्ध कराया गया, जिससे दूरदराज के क्षेत्रों के लोगों को भी विशेष चिकित्सा सुविधा मिल सकी।
गंभीर मरीजों के लिए रेफरल की व्यवस्था
जांच के दौरान गंभीर रूप से बीमार पाए गए 762 मरीजों को अन्य विशिष्ट रोगों के उपचार के लिए, 95 गर्भवती महिलाओं को प्रसूति एवं स्त्री रोग संबंधी परामर्श के लिए, और 3 मरीजों को सामान्य चिकित्सा उपचार के लिए उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर किया गया। आंखों की जांच के लिए 11 मरीजों को भी परामर्श दिया गया।
सीएमओ ने की अपील, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की प्रतिबद्धता
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनन्द उपाध्याय ने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि वे मुख्यमंत्री आरोग्य मेले जैसी स्वास्थ्य पहलों का भरपूर लाभ उठाएं। उन्होंने स्वास्थ्य संबंधी किसी भी समस्या को नजरअंदाज न करने और नियमित रूप से अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर चिकित्सकीय परामर्श और जांच कराने का आग्रह किया। डॉ. उपाध्याय ने विशेष रूप से मधुमेह, उच्च रक्तचाप, टीबी, कैंसर, हेपेटाइटिस और एनीमिया जैसी गैर-संचारी रोगों की समय पर पहचान और उपचार के महत्व पर जोर दिया।
स्वास्थ्य विभाग ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि मुख्यमंत्री आरोग्य मेले के माध्यम से जनपद के दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को उनके नजदीक ही निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण, उपचार, जांच, परामर्श और रेफरल की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास निरंतर जारी रहेगा।
