फर्रुखाबाद में 16 केंद्रों पर शुरू हुई सुरक्षित प्रसव सेवाएँ, मातृ मृत्यु दर घटाने का लक्ष्य
फर्रुखाबाद में 41 प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की मदद से 16 स्वास्थ्य केंद्रों पर सुरक्षित प्रसव सेवाएं शुरू की गई हैं। इसका उद्देश्य संस्थागत प्रसव को बढ़ावा...

फर्रुखाबाद | संवाददाता: संदीप तिवारी
द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 1 अक्टूबर 2026
फर्रुखाबाद जनपद में मातृ मृत्यु दर को नियंत्रित करने और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय के निर्देशन में जिले के 41 स्वास्थ्यकर्मियों को विशेष प्रसव प्रशिक्षण दिया गया है, जिसके बाद जनपद के 16 स्वास्थ्य केंद्रों पर सुरक्षित प्रसव सेवाएं शुरू हो गई हैं। यह पहल, जिसका उद्देश्य मातृ स्वास्थ्य को सुदृढ़ करना है, जिले में गर्भवती महिलाओं के लिए एक बड़ी राहत लेकर आई है।
यह प्रशिक्षण 13 अगस्त से 28 सितंबर 2026 तक पांच अलग-अलग बैचों में आयोजित किया गया था। इस सघन प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 32 एएनएम (सहायक नर्स मिडवाइफ) और 9 स्टाफ नर्सों ने भाग लिया। इन प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों को अब जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैनात किया गया है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि गर्भवती महिलाओं को उनके घर के अपेक्षाकृत करीब ही गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित प्रसव सुविधा उपलब्ध हो सके। यह सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच को बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
प्रसव सेवाओं का विस्तार: 16 केंद्रों पर नई स्वास्थ्य सुविधाएँ
जिले के ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में प्रसव सेवाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया गया है। अब कमालगंज, राजेपुर, शमशाबाद, मोहम्मदाबाद, नवाबगंज और कायमगंज जैसे विकास खंडों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर सुरक्षित प्रसव की सुविधाएँ क्रियाशील कर दी गई हैं। इसके अतिरिक्त, शहरी क्षेत्र में नवदिया स्थित नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भी प्रसव सेवाएं सक्रिय हो गई हैं, जो शहरी आबादी की स्वास्थ्य आवश्यकताओं को पूरा करेंगी। स्वास्थ्य विभाग की भविष्य की योजनाओं में आईटीआई स्थित नगरीय स्वास्थ्य केंद्र में भी जल्द ही प्रसव सेवाएँ शुरू करना शामिल है, जिससे शहरी स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को और मजबूत किया जा सके।
सुरक्षित प्रसव और स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने का लक्ष्य: मातृ मृत्यु दर पर नियंत्रण
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय ने इस पहल के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता से न केवल अप्रशिक्षित दाइयों पर निर्भरता में कमी आएगी, बल्कि निजी नर्सिंग होम पर भी अत्यधिक बोझ घटेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह कदम अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह प्रसव के दौरान उत्पन्न होने वाली किसी भी जटिलता के समय पर प्रबंधन और आवश्यक रेफरल सुविधा को सुनिश्चित करता है। स्वास्थ्य विभाग का मुख्य और सर्वोपरि उद्देश्य प्रत्येक गर्भवती महिला को सुलभ, किफायती और उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है, ताकि सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित किया जा सके और मातृ स्वास्थ्य को समग्र रूप से सुदृढ़ किया जा सके। स्थानीय प्रशासन का दृढ़ विश्वास है कि इस महत्वाकांक्षी पहल से सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों की कार्यक्षमता और सेवा वितरण में उल्लेखनीय सुधार होगा, साथ ही आम जनता का इन संस्थानों में विश्वास भी और गहरा होगा। यह कदम फर्रुखाबाद को सुरक्षित मातृत्व के लक्ष्य की ओर एक महत्वपूर्ण पड़ाव पर ले जाने में सहायक सिद्ध होगा।
