फर्रुखाबाद में 10 अगस्त से बच्चों को कृमिनाशक दवा पिलाने का अभियान शुरू
फर्रुखाबाद में 10 से 14 अगस्त तक चलेगा राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस अभियान। 1 से 19 वर्ष के बच्चों को एल्बेंडाजोल दवा दी जाएगी।

द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 8 अगस्त 2026
फर्रुखाबाद जनपद में बच्चों एवं किशोर-किशोरियों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और कृमि संक्रमण से मुक्त रखने के उद्देश्य से राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के तहत एक विशेष अभियान का शुभारंभ किया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत 1 से 19 वर्ष तक की आयु के सभी बच्चों को एल्बेंडाजोल नामक कृमिनाशक दवा खिलाई जाएगी, जिसका मुख्य दिवस 10 अगस्त निर्धारित किया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य पहल को सफल बनाने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. आनंद उपाध्याय ने इस अभियान की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि लक्षित आयु वर्ग के बच्चों तक दवा की सुगमतापूर्वक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए जनपद में पर्याप्त मात्रा में एल्बेंडाजोल उपलब्ध है। वर्तमान में, स्वास्थ्य विभाग के पास 15,472 एल्बेंडाजोल सिरप और 15,51,632 एल्बेंडाजोल टैबलेट का स्टॉक है। यह दवा संबंधित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) को आवश्यकतानुसार वितरित की जा रही है, ताकि प्रत्येक बच्चे तक दवा पहुंचाई जा सके।
अभियान की विस्तृत योजना और दवा वितरण
सीएमओ डॉ. उपाध्याय ने सभी चिकित्सा अधिकारी (प्रभारी) (एमओआईसी) और संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे न केवल अपने-अपने क्षेत्रों में दवा की उपलब्धता सुनिश्चित करें, बल्कि यह भी प्रमाणित करें कि लक्षित बच्चों द्वारा दवा का सेवन किया गया है। अभियान का संचालन विभिन्न चिन्हित स्थानों जैसे विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों और अन्य उपयुक्त स्थलों पर स्वास्थ्य विभाग और संबंधित विभागों के बीच प्रभावी समन्वय के साथ किया जाएगा।
डॉ. उपाध्याय ने बच्चों में कृमि संक्रमण के गंभीर परिणामों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कृमि संक्रमण कुपोषण, खून की कमी (एनीमिया) और शारीरिक विकास में गंभीर बाधा उत्पन्न कर सकता है। इसलिए, निर्धारित समय पर कृमिनाशक दवा का सेवन कराना अत्यंत आवश्यक है। सीएमओ ने इस बात पर जोर दिया कि अभियान की वास्तविक सफलता केवल दवा के वितरण में नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करने में है कि दवा लक्षित बच्चे तक पहुंचे और उसका सेवन भी हो।
15 अगस्त से पूर्व अधिकतम बच्चों तक दवा पहुंचाने का लक्ष्य
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने सभी एमओआईसी, आशा, एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं सहित संबंधित स्वास्थ्यकर्मियों को निर्देश दिया है कि 10 अगस्त के मुख्य अभियान के उपरांत भी अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी बनाए रखें। उनका प्रयास यह होना चाहिए कि 15 अगस्त से पहले, एक भी पात्र बच्चा एल्बेंडाजोल दवा के सेवन से वंचित न रहे। अभियान की प्रगति की नियमित समीक्षा के लिए विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र स्तर तक प्रभावी मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई है। दवा की आपूर्ति श्रृंखला में किसी भी स्तर पर बाधा न आए और दवा समय पर पहुंचाई जाए, इस पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
मॉप-अप दिवस: छूटे बच्चों के लिए विशेष व्यवस्था
राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के मुख्य अभियान में, जो 10 अगस्त को आयोजित होगा, यदि कोई बच्चा किसी कारणवश दवा का सेवन नहीं कर पाता है या अभियान के दिन अनुपस्थित रहता है, तो ऐसे बच्चों को कवर करने के लिए 14 अगस्त को एक 'मॉप-अप दिवस' आयोजित किया जाएगा। इस विशेष दिन पर, छूटे हुए बच्चों को एल्बेंडाजोल की दवा खिलाई जाएगी, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कोई भी बच्चा कृमिनाशक दवा के लाभ से अछूता न रहे। सीएमओ ने उम्मीद जताई कि 10 अगस्त के मुख्य अभियान और 14 अगस्त के मॉप-अप दिवस के संयुक्त प्रयासों से 15 अगस्त से पहले इस स्वास्थ्य अभियान को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया जाएगा।
सीएमओ डॉ. आनंद उपाध्याय ने अभिभावकों से भी इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य पहल में सक्रिय सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बच्चों के स्वस्थ विकास और उज्ज्वल भविष्य के लिए यह अभियान अत्यंत महत्वपूर्ण है। अभिभावकों से आग्रह किया गया है कि वे निर्धारित दिवसों पर अपने बच्चों को कृमिनाशक दवा का सेवन अवश्य कराएं, ताकि वे कृमि संक्रमण के गंभीर दुष्प्रभावों से सुरक्षित रह सकें।
