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फर्रुखाबाद: माफिया अनुपम दुबे के गुर्गे संदीप दुबे की 43 लाख की संपत्ति कुर्क

फर्रुखाबाद प्रशासन ने गैंगस्टर एक्ट के तहत माफिया अनुपम दुबे के सहयोगी संदीप दुबे की 43.28 लाख रुपये की दो भूखंडों को कुर्क कर लिया...

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संवाददाता: संदीप तिवारी
फर्रुखाबाद: माफिया अनुपम दुबे के गुर्गे संदीप दुबे की 43 लाख की संपत्ति कुर्क

फर्रुखाबाद | संवाददाता: संदीप तिवारी

द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 17 सितंबर 2026

फर्रुखाबाद जिला प्रशासन ने माफिया अनुपम दुबे के एक करीबी सहयोगी संदीप दुबे पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उसकी 43.28 लाख रुपये की संपत्ति को गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क कर लिया है। यह आदेश जिला मजिस्ट्रेट डॉ. अंकुर लाठर के निर्देश पर जारी किया गया था। मंगलवार दोपहर, नायब तहसीलदार हरदीप सिंह, मऊदरवाजा थानाध्यक्ष अजब सिंह और राजस्व विभाग की एक संयुक्त टीम ने पुलिस बल के साथ मिलकर चिन्हित संपत्तियों पर कुर्की की कार्रवाई की।

प्रशासनिक टीम ने बढ़पुर क्षेत्र के विकासनगर और गढ़ी अशरफ अली में स्थित दो भूखंडों को अपने कब्जे में ले लिया है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, विकासनगर स्थित प्लॉट की कीमत 22.04 लाख रुपये और गढ़ी अशरफ अली स्थित प्लॉट का मूल्य 21.26 लाख रुपये आंका गया है। इस दौरान, मऊदरवाजा थानाध्यक्ष ने लाउडस्पीकर के माध्यम से उपस्थित निवासियों को कुर्की की इस प्रक्रिया से अवगत कराया और संपत्तियों पर सूचनात्मक बोर्ड भी स्थापित किए गए।

गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई

यह प्रशासनिक कार्रवाई 13 नवंबर 2021 को शहर कोतवाली में दर्ज की गई प्राथमिकी से जुड़ी है। उस समय माफिया अनुपम दुबे, अनुराग दुबे, अभिषेक रस्तोगी और अन्य के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। हाल ही में, 9 अगस्त 2026 को हुई जांच के दौरान मऊदरवाजा पुलिस ने संदीप दुबे को अनुपम दुबे के गिरोह का एक सक्रिय सदस्य पाया। इसी आधार पर, जिला मजिस्ट्रेट के आदेशानुसार यह संपत्ति कुर्की की कार्रवाई अमल में लाई गई है।

परिजनों के दावों और पुलिस का रुख

संपत्ति कुर्की के समय, संदीप दुबे के परिजन आशीष दुबे ने प्रशासनिक टीम के समक्ष दावा किया कि ये संपत्तियां उनके पिता के निधन के बाद भाइयों को मिली पैतृक विरासत हैं। इस दावे के जवाब में, थानाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि यदि किसी भी पक्ष के पास अपनी संपत्ति के मालिकाना हक को साबित करने के लिए वैध साक्ष्य मौजूद हैं, तो वे जिला मजिस्ट्रेट के न्यायालय में अपनी बात रख सकते हैं। फिलहाल, प्रशासनिक टीम ने विभागीय आदेशों का पालन करते हुए कुर्की की सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं और राजस्व अधिकारियों ने संपत्तियों का सीमांकन कर उन्हें सरकारी नियंत्रण में ले लिया है।

पुलिस प्रशासन का कहना है कि संगठित अपराध से जुड़ी संपत्तियों के खिलाफ यह अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा, जिसका उद्देश्य अपराधियों के आर्थिक तंत्र को कमजोर करना है।