BREAKING
Revolutionary climate technology breakthrough announced • Championship finals draw record 150M+ viewers • Global markets surge following policy changes • New discovery in quantum computing promises faster processors
The Cliff News
Regional

फर्रुखाबाद: लाल गेट पर अवैध टेंपो स्टैंड के खिलाफ यातायात पुलिस का अभियान

फर्रुखाबाद के लाल गेट इलाके में जाम की समस्या को देखते हुए यातायात पुलिस ने मंगलवार को विशेष अभियान चलाकर सड़क किनारे अवैध रूप से...

Few hours ago
2 मिनट में पढ़ें
संवाददाता: संदीप तिवारी
फर्रुखाबाद: लाल गेट पर अवैध टेंपो स्टैंड के खिलाफ यातायात पुलिस का अभियान

फर्रुखाबाद | संवाददाता: संदीप तिवारी

द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 15 सितंबर 2026

फर्रुखाबाद शहर में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के उद्देश्य से, यातायात पुलिस ने मंगलवार दोपहर लाल गेट-ठंडी सड़क मार्ग पर एक विशेष अभियान चलाया। इस अभियान का मुख्य लक्ष्य सड़क किनारे अवैध रूप से टेंपो खड़े कर यात्रियों को बिठाने वाले चालकों के खिलाफ कार्रवाई करना था, जो क्षेत्र में लगातार जाम का कारण बन रहे थे।

पुलिस की मौजूदगी को देखते हुए कई टेंपो चालक अपने वाहन लेकर मौके से हट गए, वहीं कुछ ने नियमों का उल्लंघन किया। यातायात पुलिस ने ऐसे वाहनों के विरुद्ध चालान काटने की कार्रवाई की। लाल गेट पर स्थित एक मॉल के सामने यह समस्या विशेष रूप से देखी जाती है, जहाँ नवाबगंज, शमसाबाद और कायमगंज की ओर जाने वाले टेंपो अक्सर कतारें लगाकर खड़े हो जाते हैं, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित होता है।

अवैध वसूली और विवाद की शिकायतें

स्थानीय निवासियों के अनुसार, इस अवैध टेंपो स्टैंड से लंबे समय से वसूली की शिकायतें भी आ रही हैं। आरोप है कि कुछ लोग टेंपो चालकों से 'नंबर लगाने' के नाम पर अवैध रूप से पैसे वसूलते हैं। इस कारण वहाँ अक्सर विवाद की स्थिति भी बनी रहती है, जो यातायात प्रवाह को और बाधित करती है।

अभियान के बाद भी जस की तस स्थिति

मंगलवार को जब यातायात पुलिस ने मार्ग बाधित होने की सूचना पर कार्रवाई की, तो सड़क किनारे खड़े वाहनों को हटवाया गया। हालांकि, पुलिस टीम के वहाँ से चले जाने के कुछ समय बाद ही स्थिति पुनः जस की तस हो गई और टेंपो फिर से सड़क किनारे खड़े होने लगे। स्थानीय नागरिकों ने इस पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि यदि इस समस्या का कोई ठोस और स्थायी समाधान नहीं निकाला गया, तो भविष्य में भी यातायात संकट बना रहेगा। इस अभियान की निरंतरता और प्रभावशीलता पर अब सवाल उठाए जा रहे हैं।