फर्रुखाबाद के स्वास्थ्य संस्थानों को तंबाकू मुक्त बनाने पर जोर
फर्रुखाबाद में स्वास्थ्य विभाग ने सभी सरकारी अस्पतालों को पूर्णतः तंबाकू मुक्त बनाने के निर्देश दिए हैं। कोटपा अधिनियम के कड़ाई से अनुपालन और जागरूकता पर विशेष बल दिया जाएगा।

द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 2 अगस्त 2026
फर्रुखाबाद जनपद के सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों को तंबाकू मुक्त बनाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. आनंद उपाध्याय ने इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने जोर दिया कि स्वास्थ्य संस्थान स्वस्थ जीवनशैली के प्रतीक होने चाहिए, इसलिए अस्पताल परिसर में किसी भी प्रकार के तंबाकू उत्पादों का सेवन या बिक्री किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं होगी।
सीएमओ ने जिला तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ को सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (COTPA)-2003 के प्रावधानों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया है। इसके तहत, अस्पताल परिसरों में निर्धारित चेतावनी बोर्ड, 'नो स्मोकिंग' संकेतक और तंबाकू निषेध संबंधी जागरूकता सामग्री प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई के लिए समय-समय पर निरीक्षण भी किए जाएंगे।
तंबाकू सेवन से होने वाले गंभीर रोग
डॉ. आनंद उपाध्याय ने बताया कि तंबाकू का सेवन कैंसर, हृदय रोग, फेफड़ों की गंभीर बीमारियों और अन्य असाध्य रोगों का एक प्रमुख कारण है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है कि उपचार प्रदान करने के साथ-साथ लोगों को तंबाकू छोड़ने के लिए प्रेरित भी किया जाए। अस्पतालों में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को तंबाकू के दुष्प्रभावों के प्रति नियमित रूप से जागरूक किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें तंबाकू निषेध परामर्श सेवाओं का लाभ भी उपलब्ध कराया जाएगा।
स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण की प्राथमिकता
सीएमओ ने सभी प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने स्वास्थ्य संस्थानों का नियमित निरीक्षण करें और यह सुनिश्चित करें कि अस्पताल परिसर में किसी भी प्रकार का धूम्रपान अथवा तंबाकू सेवन न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनपद के स्वास्थ्य संस्थानों में स्वच्छ, सुरक्षित और तंबाकू मुक्त वातावरण बनाए रखना स्वास्थ्य विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
स्वास्थ्य विभाग जनजागरूकता, नियमित निरीक्षण और प्रभावी प्रवर्तन के माध्यम से जनपद में तंबाकू सेवन की रोकथाम के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगा, ताकि आने वाली पीढ़ियों को तंबाकू जनित बीमारियों से सुरक्षित रखा जा सके।
