BREAKING
Revolutionary climate technology breakthrough announced • Championship finals draw record 150M+ viewers • Global markets surge following policy changes • New discovery in quantum computing promises faster processors
The Cliff News
Regional

फर्रुखाबाद: झोलाछाप के इंजेक्शन से युवक की मौत, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका

फर्रुखाबाद के भरखा गांव में कथित झोलाछाप चिकित्सक द्वारा लगाए गए गलत इंजेक्शन से 50 वर्षीय श्रीपाल कुशवाह की मौत हो गई। परिजनों ने स्वास्थ्य...

Few hours ago
2 मिनट में पढ़ें
•संवाददाता: संदीप तिवारी
फर्रुखाबाद: झोलाछाप के इंजेक्शन से युवक की मौत, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका

फर्रुखाबाद | संवाददाता: संदीप तिवारी

द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 23 अक्टूबर 2026

फर्रुखाबाद के राजेपुर क्षेत्र के भरखा गांव में कथित झोलाछाप चिकित्सक द्वारा लगाए गए इंजेक्शन के बाद एक 50 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। इस घटना ने स्थानीय स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था और ग्रामीण इलाकों में अवैध चिकित्सा पद्धतियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतक की पहचान श्रीपाल कुशवाह के रूप में हुई है।

मृतक के परिजनों के अनुसार, श्रीपाल कुशवाह बुखार और कमजोरी से पीड़ित थे। इलाज के लिए वे कथित चिकित्सक नीरज के पास गए थे, जिसने उन्हें कुल पांच इंजेक्शन लगाने की सलाह दी थी। परिजनों का आरोप है कि तीन इंजेक्शन लगने के बाद जब चौथा इंजेक्शन लगाया गया, तो करीब आधे घंटे के भीतर श्रीपाल की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी और उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद आरोपी चिकित्सक नीरज अपनी दुकान बंद करके फरार हो गया।

स्वास्थ्य विभाग की भूमिका पर सवाल

परिजनों ने बताया कि घटना की सूचना तत्काल मुख्य चिकित्सा अधिकारी को दी गई थी, लेकिन स्वास्थ्य विभाग का कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इस लापरवाही ने ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय अवैध चिकित्सा पद्धतियों के प्रति विभाग की शिथिलता को उजागर किया है। स्थानीय निवासियों में इस बात को लेकर आक्रोश है कि ऐसे अवैध चिकित्सकों पर अंकुश लगाने में प्रशासन विफल रहा है।

पुलिस की कार्रवाई और जांच प्रक्रिया

सूचना मिलने के उपरांत राजेपुर थानाध्यक्ष दर्शन सिंह सोलंकी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रशासन का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मृत्यु के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा और उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। आम जनमानस ने स्वास्थ्य विभाग से ऐसे अवैध चिकित्सा करने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।

संबंधित समाचार