फर्रुखाबाद: गंगा का जलस्तर घटा, 33 गांवों में बाढ़ से 23 हजार से अधिक लोग प्रभावित
फर्रुखाबाद में गंगा और रामगंगा नदियों के उफान से 33 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं, जिससे 23,367 लोग प्रभावित हुए हैं। प्रशासन राहत और बचाव कार्यों में जुटा है, 24 शरणालयों में लोगों को ठहराया गया है।

द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 4 अगस्त 2026
उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जनपद में गंगा और रामगंगा नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण 33 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। जिला प्रशासन ने स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए हुए है और युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य संचालित किए जा रहे हैं। सिंचाई विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 4 अगस्त 2026 को गंगा नदी का जलस्तर 136.90 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर से ऊपर है। हालांकि, जलस्तर में 5 सेमी की मामूली गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन कई क्षेत्रों में अभी भी बाढ़ की स्थिति बनी हुई है।
बाढ़ से तहसील सदर के 9, कायमगंज के 12 और अमृतपुर के 12 गांव प्रभावित हुए हैं। इन 33 प्रभावित गांवों की कुल आबादी 23,367 है, जिसमें 4,855 परिवार शामिल हैं। लोगों की सुरक्षा और सुविधा के लिए जिले में 24 अस्थायी बाढ़ शरणालयों की स्थापना की गई है। मंडी समिति रामसवाईद और रमानिया गर्ल्स इंटर कॉलेज में संचालित शरणालयों में अब तक 240 लोगों को सुरक्षित ठहराया गया है, जहाँ उनके भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाओं का इंतजाम किया गया है। इसके अलावा, 52 अस्थायी बाढ़ चौकियां भी सक्रिय रूप से काम कर रही हैं।
राहत और बचाव के लिए व्यापक व्यवस्था
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों को गति देने के लिए 50 नावें और 5 मोटरबोट तैनात की गई हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की एक टीम और पीएसी फ्लड यूनिट की एक कंपनी आवश्यक उपकरणों के साथ मौके पर मौजूद है। जरूरत पड़ने पर 53 स्वयंसेवी गोताखोरों की भी मदद ली जा रही है।
स्वास्थ्य और पशुधन सुरक्षा पर विशेष ध्यान
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए 35 मेडिकल कैंप लगाए गए हैं, जहाँ अब तक 536 लोगों का उपचार किया जा चुका है। इस दौरान 272 ओआरएस पैकेट और 896 क्लोरीन टैबलेट भी वितरित किए गए हैं। जिला प्रशासन ने एंटी स्नेक वेनम और अन्य आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की है। पशुधन की सुरक्षा को देखते हुए 11 पशु चिकित्सा शिविर संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें 79 पशुओं का उपचार और 3,804 पशुओं का टीकाकरण किया गया है। पशुओं के लिए चारे और भूसे की भी पर्याप्त व्यवस्था की गई है।
जनता से की गई अपील
जिला प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें, नदी किनारे जाने से बचें और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल स्थानीय प्रशासन या कंट्रोल रूम से संपर्क करें। प्रशासन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पूरी संवेदनशीलता और सतर्कता के साथ राहत और बचाव कार्य निरंतर जारी रखे हुए है।
