फर्रुखाबाद: दिव्यांग सहायता और महिला स्वास्थ्य शिविर आज से शुरू
फर्रुखाबाद में आज से दिव्यांग सहायता शिविर शुरू हो रहा है, जिसमें कृत्रिम अंग व श्रवण यंत्र बांटे जाएंगे। 18 अक्टूबर को महिला स्वास्थ्य शिविर...

फर्रुखाबाद | संवाददाता: संदीप तिवारी
द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 20 सितंबर 2026
फर्रुखाबाद में एसएन साध ट्रस्ट द्वारा दिव्यांगजनों और महिलाओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के उद्देश्य से विशेष शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इन आयोजनों का मुख्य लक्ष्य समाज के वंचित वर्गों तक आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना और उन्हें सशक्त बनाना है।
ट्रस्ट की ओर से 22 से 24 अक्टूबर तक नि:शुल्क दिव्यांग सहायता शिविर का संचालन एनएकेपी डिग्री कॉलेज के सामने स्थित सेवा केंद्र पर सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक किया जाएगा। इस शिविर के संयोजक राकेश साध ने बताया कि दिव्यांगजनों को कृत्रिम पैर, कैलीपर, बैसाखी और कृत्रिम हाथ जैसी सहायता सामग्री नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अतिरिक्त, कम सुनने वाले व्यक्तियों की जांच कर उन्हें श्रवण यंत्र भी प्रदान किए जाएंगे, जिससे उनकी सुनने की क्षमता में सुधार हो सके।
दिव्यांगजनों के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ सेवाएं
शिविर में हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. सुबोध वर्मा और नाक-कान-गला रोग विशेषज्ञ डॉ. शिखर सक्सेना दिव्यांगजनों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए अपनी सेवाएं देंगे। शिविर में भाग लेने वाले दिव्यांगजनों को अपने आधार कार्ड और प्रमाण पत्र की फोटो कॉपी साथ लाना अनिवार्य होगा, ताकि उनकी पहचान और पात्रता सुनिश्चित की जा सके।
महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का प्रयास
महिलाओं के स्वास्थ्य को विशेष प्राथमिकता देते हुए, 18 अक्टूबर को 'प्रिय नारी स्वास्थ्य शिविर' का आयोजन किया जाएगा। आयोजकों का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी मासिक धर्म, पोषण और एनीमिया जैसी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य समस्याओं के प्रति जागरूकता का अभाव है। इस शिविर के माध्यम से महिलाओं को स्त्री रोग संबंधी परामर्श और उचित मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा, जिससे वे अपने स्वास्थ्य के प्रति अधिक सजग हो सकें।
ट्रस्ट ने क्षेत्र की सभी महिलाओं से अपील की है कि वे इस स्वास्थ्य शिविर का लाभ उठाएं और अपनी सहेलियों तथा परिवार की अन्य सदस्यों को भी जांच के लिए प्रेरित करें। स्वास्थ्य शिविर के दौरान लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति भी जागरूक करने का प्रयास किया जाएगा। यह पहल समाज के कमजोर वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
