फर्रुखाबाद: डीएम ने विकास कार्यों का लिया जायजा, श्रमिकों संग किया श्रमदान
फर्रुखाबाद के राजेपुर विकासखंड में जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने 'विकसित भारत-जी राम जी' योजना के तहत चल रहे कार्यों का निरीक्षण किया और श्रमिकों...

फर्रुखाबाद | संवाददाता: संदीप तिवारी
द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 13 अक्टूबर 2026
फर्रुखाबाद जनपद के राजेपुर विकासखंड में 'विकसित भारत-जी राम जी' योजना के तहत जारी विशेष रोजगार सृजन दिवस अभियान के दौरान जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने ग्राम पंचायत गांधी का गहन दौरा किया। उन्होंने चल रहे विकास कार्यों का मौके पर जायजा लिया और कार्यस्थल पर उपस्थित श्रमिकों के साथ श्रमदान करते हुए स्वयं फावड़ा भी चलाया। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी, जिला परियोजना निदेशक और खंड विकास अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी भी मौजूद रहे।
जिलाधिकारी ने ग्राम पंचायत गांधी में उपस्थित महिला श्रमिकों, जिनमें रामा देवी, विमला और काजल शामिल थीं, से सीधे संवाद स्थापित किया। श्रमिकों ने बताया कि उन्हें प्रतिदिन तीन सौ रुपये की मजदूरी का भुगतान उनके बैंक खातों में नियमित रूप से प्राप्त हो रहा है। ग्राम रोजगार सेवक ने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से बताया कि नौसारा से दहेलिया तक नौ सौ सैंतीस मीटर लंबी डामर सड़क का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जिसकी अनुमानित लागत दो लाख चौवन हजार तीन सौ सत्ताईस रुपये है। इस परियोजना से लगभग सात सौ नब्बे मानव दिवसों का सृजन होने की उम्मीद है। जिलाधिकारी ने कार्यों की उच्च गुणवत्ता बनाए रखने और निर्धारित समयावधि के भीतर निर्माण कार्य संपन्न करने के संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी किए। अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी ने अवगत कराया कि राजेपुर की कुल इक्यासी ग्राम पंचायतों में इस समय एक सौ बत्तीस विकास परियोजनाएं संचालित हैं।
क्षतिग्रस्त आरआरसी सेंटर की तत्काल मरम्मत के निर्देश
विकास कार्यों के निरीक्षण के उपरांत, जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने ग्राम शेराखार गोंटिया स्थित आरआरसी (ठोस अपशिष्ट प्रसंस्करण एवं प्रबंधन) सेंटर का भी दौरा किया। ग्राम सचिव ने उन्हें सूचित किया कि हाल ही में आई बाढ़ के कारण यह केंद्र काफी हद तक क्षतिग्रस्त हो गया है। इस स्थिति को देखते हुए, जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल मरम्मत कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए, ताकि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की प्रक्रिया सुचारू रूप से जारी रह सके।
पंचायत भवन की सेवाओं पर संतोष, सेवाओं के विस्तार पर जोर
इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी ने कमालुद्दीनपुर स्थित पंचायत भवन का भी निरीक्षण किया और वहां उपलब्ध जनसेवाओं की व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया। पंचायत सहायक ने बताया कि कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से ग्रामीणों को एक निर्धारित शुल्क, तीस रुपये, के बदले तीन सौ सात प्रकार की सरकारी सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। उन्होंने फार्मर रजिस्ट्री, फैमिली आईडी जारी करने और जन्म-मृत्यु पंजीकरण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों की प्रगति की भी गहन समीक्षा की। जिलाधिकारी ने उन किसानों से दूरभाष पर सीधे संपर्क साधा, जिन्होंने अब तक अपनी फार्मर रजिस्ट्री नहीं कराई थी। किसानों द्वारा बताई गई बाधाओं को समझने के बाद, उन्होंने उनके समाधान का आश्वासन दिया। ग्राम प्रशासक द्वारा आरआरसी सेंटर के पुनर्निर्माण में आ रही समस्याओं के बारे में अवगत कराए जाने पर, जिलाधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी को इस मामले को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए।
योजनाओं के लाभ को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर बल
जिलाधिकारी डॉ. लाठर ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित होने वाली सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ वास्तव में पात्र व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा पंचायत स्तर पर प्रदान की जाने वाली सेवाओं को और अधिक पारदर्शी बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। जिलाधिकारी ने इस संबंध में किसी भी स्तर पर लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी और स्पष्ट किया कि जनसमस्याओं के निराकरण में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को नियमित निरीक्षण और सतत निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए, ताकि ग्रामीण विकास के सकारात्मक परिणाम धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे सकें।
