फर्रुखाबाद: डीएम ने प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के दिए निर्देश
फर्रुखाबाद के जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नियमित निरीक्षण और आधारभूत सुविधाओं पर जोर दिया।

द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 4 अगस्त 2026
फर्रुखाबाद के जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने जनपद के प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की। इस बैठक में उन्होंने बेसिक शिक्षा अधिकारी और सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को विद्यालयों में शैक्षणिक स्तर सुधारने, नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने और आधारभूत सुविधाओं को उन्नत बनाने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने इस बात पर बल दिया कि प्राथमिक शिक्षा बच्चों के भविष्य की आधारशिला होती है। इसलिए, उन्होंने प्रत्येक विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, नियमित शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन तथा प्रभावी विद्यालय प्रबंधन सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई। विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति, निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार समय पर पढ़ाई का पूरा होना और सीखने के स्तर में निरंतर सुधार पर विशेष जोर दिया गया।
विद्यालयों में सुविधाओं का उन्नयन और नियमित निरीक्षण
बैठक में विद्यालयों में स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण के निर्माण, पेयजल, शौचालय, विद्युत व्यवस्था, मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता, तथा विद्यार्थियों के नामांकन और उपस्थिति की नियमित समीक्षा करने के निर्देश जारी किए गए। सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे विद्यालयों का नियमित निरीक्षण करें और पाई गई कमियों का समयबद्ध तरीके से समाधान सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के नियमित निरीक्षण की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला और साप्ताहिक आख्या प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि विद्यालयों से संबंधित शिकायतों के निस्तारण में अन्य विद्यालयों में भी क्रॉस-चेकिंग की जाए, जिससे समस्याओं की गहराई से जांच हो सके। मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता पर सतत निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि बच्चों को पौष्टिक आहार मिल रहा है।
नवाचार और जवाबदेही पर बल
डॉ. लाठर ने नवाचार आधारित शिक्षण गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने शिक्षकों की नियमित उपस्थिति और उनके शैक्षणिक उत्तरदायित्वों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए, ताकि शिक्षण कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जा सके।
विद्यालय परिसरों में जलभराव जैसी समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित खंड विकास अधिकारी और ग्राम प्रधान के साथ समन्वय स्थापित करने का सुझाव दिया गया। साथ ही, क्षतिग्रस्त विद्यालय भवनों की नियमानुसार मरम्मत कराने और तकनीकी रूप से अनुपयुक्त पाए जाने वाले भवनों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को भी समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए।
बैठक के समापन पर, जिलाधिकारी ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से आह्वान किया कि वे आपसी समन्वय से कार्य करते हुए प्राथमिक विद्यालयों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के उत्कृष्ट केंद्र के रूप में विकसित करें। इस अवसर पर बेसिक शिक्षा अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
