फर्रुखाबाद: डीएम ने गौशाला व पंचायत घर का किया औचक निरीक्षण
फर्रुखाबाद में जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने खंडौली गौशाला और पिथनापुर पंचायत घर का निरीक्षण कर विकास कार्यों की प्रगति परखी। उन्होंने गौवंशों के संरक्षण...

फर्रुखाबाद | संवाददाता: संदीप तिवारी
द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 19 सितंबर 2026
फर्रुखाबाद के जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने तहसील समाधान दिवस संपन्न होने के बाद जनपद में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति का जायजा लेने के लिए एक औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अमृतपुर तहसील के राजेपुर विकासखंड में स्थित खंडौली गौशाला और ग्राम पिथनापुर के पंचायत घर का दौरा किया।
गौवंश संरक्षण और विस्तार पर जोर
खंडौली गौशाला के औचक निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को परिसर में सघन वृक्षारोपण करने और रोपित किए गए पौधों के संरक्षण हेतु निर्देशित किया। उन्होंने विशेष निर्देश दिया कि गौशाला में मौजूद मादा बछड़ों को पात्र कुपोषित परिवारों को सौंपा जाए, ताकि बच्चों को पौष्टिक आहार प्राप्त हो सके। यह कदम बच्चों के पोषण स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। वर्तमान में गौशाला में 263 पशु मौजूद हैं, जिनकी ईयर टैगिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने बीमार पशुओं को स्वस्थ पशुओं से अलग रखने की भी सख्त हिदायत दी ताकि किसी भी संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। निरीक्षण के दौरान गौवंश की वर्तमान स्थिति को व्यक्तिगत रूप से अवलोकन करते हुए उन्हें गुड़ और चना खिलाया गया। वर्तमान में गौशाला में 33 कुंतल हरा चारा और 68 कुंतल भूसा उपलब्ध है, जिसकी उपलब्धता सुनिश्चित की गई।
पिथनापुर पंचायत घर में नवनिर्मित पुस्तकालय का शुभारंभ
गौशाला के निरीक्षण के पश्चात जिलाधिकारी ने ग्राम पिथनापुर स्थित पंचायत घर का दौरा किया। वहां उन्होंने फीता काटकर नवनिर्मित पुस्तकालय का विधिवत शुभारंभ किया। पुस्तकालय प्रबंधन को परिसर में समुचित प्रकाश व्यवस्था बनाए रखने और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि पुस्तकों की सूची मुख्य द्वार पर चस्पा की जाए, ताकि ग्रामीण आसानी से जानकारी प्राप्त कर सकें और पुस्तकालय का सदुपयोग कर सकें। इस दौरान उन्होंने ग्राम प्रधान को गांव के सभी कृषकों की फार्मर रजिस्ट्री शत प्रतिशत पूर्ण करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्थानीय अधिकारियों को सभी विकास व्यवस्थाओं को समयबद्ध तरीके से संचालित करने के कड़े निर्देश दिए, ताकि विकास कार्यों में गति बनी रहे और उनका लाभ आम नागरिकों तक पहुंचे।
