फर्रुखाबाद डीएम बच्चों संग क्रिकेट खेले, सुविधाओं का लिया जायजा
जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने एक विद्यालय का निरीक्षण कर बच्चों की सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने बच्चों के साथ क्रिकेट खेलकर और गेंदबाजी करके सबका मन मोह लिया।

द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 21 अगस्त 2026
फर्रुखाबाद के जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने एक विद्यालय के औचक निरीक्षण के दौरान बच्चों की सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान उनका एक नया और अनूठा अंदाज देखने को मिला, जब वे स्वयं विद्यालय परिसर में बच्चों के साथ क्रिकेट खेलने लगे और गेंदबाजी भी की। जिलाधिकारी के इस स्नेहपूर्ण व्यवहार से बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे।
निरीक्षण के दौरान, डॉ. लाठर ने बच्चों की शिक्षा की गुणवत्ता और उन्हें उपलब्ध कराए जा रहे खानपान की सामग्री का भी बारीकी से मुआयना किया। उन्होंने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल और पौष्टिक आहार मिले। बच्चों के साथ क्रिकेट खेलने का उनका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसे लोगों ने खूब सराहा।
जनता की अपेक्षाएं और जिलाधिकारी का व्यवहार
आम जनता से संपर्क करने पर लोगों ने जिलाधिकारी के इस व्यवहार की प्रशंसा की। कई लोगों ने कहा कि जिले को पहली बार ऐसा जिलाधिकारी मिला है, जो न केवल जनता की समस्याओं को सुनता है, बल्कि उन पर निष्पक्ष कार्रवाई के आदेश भी देता है। एक नागरिक ने कहा, "यदि हर जिले में इस तरह के अधिकारी हों, तो आम जनता को न्याय के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।" यह टिप्पणी जिलाधिकारी के प्रति जनता के विश्वास और उनकी कार्यशैली के प्रति सकारात्मक प्रतिक्रिया को दर्शाती है।
डॉ. अंकुर लाठर का यह प्रयास दर्शाता है कि वे केवल प्रशासनिक अधिकारी ही नहीं, बल्कि समाज के प्रति संवेदनशील भी हैं। बच्चों के साथ उनके जुड़ाव ने न केवल उन्हें प्रसन्न किया, बल्कि उनके शिक्षण संस्थान में एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी किया। इस तरह के कार्य न केवल प्रशासनिक अधिकारियों के प्रति जनता के विश्वास को बढ़ाते हैं, बल्कि जिम्मेदारियों के निर्वहन में मानवीय दृष्टिकोण के महत्व को भी रेखांकित करते हैं।
जिलाधिकारी के इस अनूठे अंदाज ने आम लोगों को भी उत्साहित किया है। सोशल मीडिया पर उनके क्रिकेट खेलने के वीडियो को लेकर काफी चर्चा है, और लोग इसे जिलाधिकारी द्वारा बच्चों के साथ जुड़ाव का एक बेहतरीन उदाहरण बता रहे हैं। इस पहल से शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन के बीच एक सकारात्मक संवाद स्थापित होने की उम्मीद है, जो अंततः बच्चों के समग्र विकास में सहायक सिद्ध होगा।
यह निरीक्षण केवल सुविधाओं की जांच तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने एक ऐसे नेतृत्व का परिचय दिया जो जमीनी स्तर पर जाकर लोगों से जुड़ने में विश्वास रखता है। बच्चों के साथ बिताया गया यह समय, उनके भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है, क्योंकि यह अधिकारियों को जमीनी हकीकत से सीधे तौर पर अवगत कराता है। इस प्रकार की पहलें निश्चित रूप से एक स्वस्थ और प्रगतिशील समाज के निर्माण में योगदान करती हैं, जहां नागरिकों का विश्वास और सहयोग प्रशासन के साथ बना रहता है।
