फर्रुखाबाद: चोरी के ट्रैक्टर-रोटावेटर संग एक आरोपी गिरफ्तार, बीएनएस की धाराएं बढ़ीं
फर्रुखाबाद पुलिस ने एसओजी और सर्विलांस टीम की मदद से चोरी के ट्रैक्टर और रोटावेटर के साथ एक वांछित आरोपी को पकड़ा है। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 317(2) जोड़ी गई है।

द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 9 अगस्त 2026
फर्रुखाबाद पुलिस ने विशेष अभियान चलाते हुए, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) और सर्विलांस टीम के सहयोग से चोरी के ट्रैक्टर और रोटावेटर के साथ एक वांछित आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। इस गिरफ्तारी के साथ ही पुलिस ने बरामदगी के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 317(2) को मामले में जोड़ते हुए अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। धारा 317(2) बीएनएस के तहत चोरी की संपत्ति प्राप्त करने या रखने के अपराध में सजा का प्रावधान है, जिससे यह दर्शाता है कि बरामदगी के महत्व को कानून में एक अतिरिक्त अपराध के रूप में देखा जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किया गया आरोपी अक्षय कुमार पुत्र श्याम स्वरूप है, जो ग्राम घुमइया रसूलपुर, थाना नवाबगंज का निवासी बताया गया है। यह कार्रवाई शिकायतकर्ता द्वारा 15 जुलाई 2026 को नवाबगंज थाने में दर्ज कराई गई तहरीर के बाद हुई, जिसमें उसने अपने ट्रैक्टर और रोटावेटर के चोरी हो जाने का उल्लेख किया था। तहरीर के आधार पर दर्ज मुकदमे की विवेचना के दौरान, पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए आरोपी अक्षय कुमार को चोरी किए गए ट्रैक्टर व रोटावेटर के साथ दबोच लिया। यह घटना किसानों के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि कृषि उपकरण चोरी होने से उनकी आजीविका प्रभावित होती है।
आरोपी का कबूलनामा और आपराधिक इतिहास
पुलिस पूछताछ के दौरान, गिरफ्तार आरोपी अक्षय कुमार ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी है। उसने यह भी कहा कि वह न्यायालय में अपने अधिवक्ता के माध्यम से अपनी सफाई प्रस्तुत करेगा। यह स्वीकारोक्ति मामले को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण है, हालांकि न्यायालय में अंतिम निर्णय ही सब कुछ तय करेगा। पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपी का आपराधिक इतिहास भी दर्ज किया गया है, जिससे उसके पूर्व के कारनामों का पता चलता है। इस जानकारी से पुलिस को उसके संभावित साथियों और भविष्य में इस तरह के अपराधों को रोकने में मदद मिल सकती है।
गिरफ्तारी एवं बरामदगी प्रक्रिया
चोरी हुए ट्रैक्टर और रोटावेटर की बरामदगी पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता है। इन कृषि उपकरणों का मूल्य काफी अधिक होता है और किसानों के लिए ये अत्यंत आवश्यक होते हैं। चोरी के बाद से ही शिकायतकर्ता परेशान था और पुलिस पर जल्द से जल्द बरामदगी का दबाव था। मुखबिरों की सक्रियता और तकनीकी सर्विलांस का उपयोग करके पुलिस टीम ने आरोपी का पता लगाने में कामयाबी हासिल की। आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद, उससे पूछताछ की गई और उसके बताए ठिकाने से चोरी का माल बरामद किया गया।
कानूनी कार्रवाई और आगे की जांच
बरामदगी के आधार पर, पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 317(2) को मुख्य मुकदमे में जोड़ा है। यह धारा ऐसे अपराधों से संबंधित है जहां कोई व्यक्ति जानबूझकर चोरी की संपत्ति रखता है या उसे प्राप्त करता है। इस धारा के जुड़ने से आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और मजबूत हो गई है। पुलिस अब आगे की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इस गिरोह में और भी लोग शामिल हैं और क्या उन्होंने इस तरह की अन्य चोरियां भी की हैं। गिरफ्तार आरोपी से प्राप्त जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गिरफ्तारी में महत्वपूर्ण टीमों का योगदान
इस सफल गिरफ्तारी और बरामदगी में एसओजी व सर्विलांस टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा। टीम में सर्विलांस व एसओजी प्रभारी उपनिरीक्षक सयात कुमार, थाना नवाबगंज के उपनिरीक्षक जगराम सिंह और हेड कांस्टेबल नयादलाल शामिल थे, जिन्होंने मिलकर इस कार्रवाई को अंजाम दिया। इन टीमों के समन्वय और पेशेवर रवैये ने ही संभव बनाया कि एक वांछित आरोपी को उसके द्वारा चुराए गए माल के साथ गिरफ्तार किया जा सके। यह कार्रवाई फर्रुखाबाद पुलिस की कार्यक्षमता को भी दर्शाती है।
