फर्रुखाबाद अस्पताल में ऑक्सीजन सिलेंडर का फ्लोमीटर टूटा, वार्ड बॉय घायल
राम मनोहर लोहिया अस्पताल, फर्रुखाबाद में ऑक्सीजन सिलेंडर का फ्लोमीटर टूटने से एक वार्ड बॉय घायल हो गया। घटना के बाद अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई।

द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 25 अगस्त 2026
फर्रुखाबाद के राम मनोहर लोहिया अस्पताल, आवास विकास में मंगलवार दोपहर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब स्टाफ कक्ष नर्सिंग में रखे एक ऑक्सीजन सिलेंडर का फ्लोमीटर अचानक टूट गया। इस घटना में वार्ड बॉय सरल कुमार घायल हो गए, जिन्हें तत्काल आपातकालीन विभाग में ले जाकर प्राथमिक उपचार दिया गया।
सूत्रों के अनुसार, घटना उस समय हुई जब वार्ड बॉय सरल कुमार स्टाफ कक्ष में मौजूद थे। अचानक फ्लोमीटर के टूटने से उत्पन्न हुई स्थिति से कर्मियों में हड़कंप मच गया। अस्पताल के स्टाफ द्वारा घायल सरल कुमार को तुरंत आपातकालीन वार्ड में ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उनका प्राथमिक उपचार किया। अस्पताल प्रशासन ने बताया है कि घायल वार्ड बॉय की हालत खतरे से बाहर है।
उपकरणों की सुरक्षा पर उठे सवाल
यह अप्रत्याशित घटना, जिसमें एक महत्वपूर्ण जीवन रक्षक उपकरण का हिस्सा टूट गया, ने अस्पताल में ऑक्सीजन सिलेंडरों और उनसे जुड़े उपकरणों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। ऑक्सीजन सिलेंडर, विशेष रूप से महामारी जैसी आपातकालीन स्थितियों में, मरीजों के जीवन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में, फ्लोमीटर जैसे इसके एक आवश्यक घटक का अनायास टूटना न केवल लापरवाही को दर्शाता है, बल्कि चिकित्सा उपकरणों के रखरखाव और गुणवत्ता नियंत्रण की अवहेलना का भी संकेत देता है।
घटना के तत्काल बाद, अस्पताल परिसर में कर्मियों के बीच चिंता और असुरक्षा का माहौल फैल गया। वार्ड बॉय सरल कुमार के घायल होने से इस बात की अहमियत और बढ़ जाती है कि ऐसे उपकरण हमेशा सुचारू रूप से कार्य करने चाहिए। अस्पताल प्रबंधन से मांग की जा रही है कि इस मामले की गहन जांच की जाए और यह पता लगाया जाए कि फ्लोमीटर क्यों टूटा। इसके साथ ही, सभी ऑक्सीजन सिलेंडरों और संबंधित उपकरणों की नियमित और कड़ाई से जांच सुनिश्चित करने के लिए एक मजबूत प्रणाली स्थापित की जानी चाहिए।
यह सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है कि भविष्य में ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं न हों, जिससे मरीजों के जीवन और अस्पताल के कर्मचारियों की सुरक्षा को खतरा हो। फ्लोमीटर का टूटना मात्र एक दुर्घटना नहीं है, बल्कि यह एक प्रणालीगत विफलता का संकेत हो सकता है जिसे तत्काल संबोधित करने की आवश्यकता है। उपकरणों के नियमित निरीक्षण, कर्मचारियों को सुरक्षा प्रोटोकॉल का प्रशिक्षण, और गुणवत्तापूर्ण उपकरणों की खरीद जैसी मदों पर ध्यान केंद्रित करके ही अस्पताल ऐसे जोखिमों को कम कर सकता है।
