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फर्रुखाबाद: 15-20 वर्षों से बंद सीतापुर आई हॉस्पिटल को फिर से चालू करने की पहल

फर्रुखाबाद के जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने फतेहगढ़ स्थित सीतापुर आई हॉस्पिटल का निरीक्षण किया, जो 15-20 वर्षों से बंद पड़ा है। उन्होंने इसे पुनर्जीवित करने की प्रक्रिया शुरू की है।

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फर्रुखाबाद: 15-20 वर्षों से बंद सीतापुर आई हॉस्पिटल को फिर से चालू करने की पहल

द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 21 अगस्त 2026

फर्रुखाबाद के जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय के साथ फतेहगढ़ स्थित सीतापुर आई हॉस्पिटल का निरीक्षण किया। यह अस्पताल पिछले 15 से 20 वर्षों से बंद पड़ा है, जिसकी शिकायतें जनता द्वारा जिलाधिकारी से कई बार की जा चुकी थीं। इस निरीक्षण के बाद अस्पताल को फिर से चालू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

स्थलीय निरीक्षण के दौरान, जिला शासकीय अधिवक्ता (सिविल) श्री कृष्णकांत महाजन को बुलाकर भूमि अभिलेखों की समीक्षा करने और विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया। इसके साथ ही, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग (P.W.D.), फर्रुखाबाद, श्री मुरलीधर को अस्पताल का पूर्ण भौतिक और स्थलीय निरीक्षण कर एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया है।

अस्पताल को पुनर्जीवित करने की योजना

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय को निर्देश दिया गया है कि वे विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करें। साथ ही, 'आई रिलीफ सोसाइटी' के अंतर्गत आवश्यक विभागीय कार्रवाई पूरी कर सीतापुर आई हॉस्पिटल को पुनः क्रियाशील बनाया जाए। ज्ञात हो कि जिलाधिकारी स्वयं 'आई रिलीफ सोसाइटी' की अध्यक्ष हैं और मुख्य चिकित्सा अधिकारी इसके उपाध्यक्ष हैं।

निरीक्षण के दौरान यह भी संज्ञान में आया कि अस्पताल को पूर्व में सरकार से अनुदान मिलता रहा है, जो वर्ष 2022 से बंद है। यह भी पता चला कि 1963 में यह जमीन जिला प्रशासन द्वारा अधिगृहित की गई थी और सार्वजनिक सहयोग व सरकारी अनुदान से इसका निर्माण हुआ था। कुछ वर्षों तक सीतापुर आई हॉस्पिटल ने इसका संचालन किया, लेकिन पिछले 15-20 वर्षों से इसका उचित प्रबंधन नहीं हो पाया है। वर्तमान में, अस्पताल की इमारत जर्जर और जीर्ण-शीर्ण हो चुकी है, जिसका लाभ फर्रुखाबाद की जनता को नहीं मिल पा रहा है।

जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने इस मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए इसके पुनरुद्धार की दिशा में कदम उठाए हैं। उम्मीद है कि जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी के सक्रिय प्रयासों से न केवल फर्रुखाबाद बल्कि आसपास के क्षेत्रों की जनता को भी इस नेत्र चिकित्सालय का लाभ मिल सकेगा।