पेपर लीक के विरोध में युवा कांग्रेस का भाजपा मुख्यालय पर प्रदर्शन
देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के विरोध में युवा कांग्रेस ने नई दिल्ली में भाजपा मुख्यालय का घेराव किया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई गई।

द क्लिफ न्यूज़ | नई दिल्ली | 22 जुलाई 2026
देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में बढ़ती अनियमितताओं के खिलाफ भारतीय युवा कांग्रेस ने राजधानी दिल्ली में जोरदार प्रदर्शन किया। बुधवार को युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नई दिल्ली स्थित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मुख्यालय का घेराव करने के लिए मार्च निकाला, जिसमें उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग की।
सुबह से ही विभिन्न इलाकों में युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता एकत्र होने लगे थे। इसके बाद, वे एक संगठित समूह के रूप में भाजपा मुख्यालय की ओर बढ़े। उनके हाथों में "पेपर लीक बंद करो", "युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो" और "शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो" जैसे नारों वाले बैनर और तख्तियां थीं। कार्यकर्ताओं का आरोप था कि बार-बार होने वाले पेपर लीक की घटनाओं ने देश भर के लाखों युवाओं के भविष्य को अंधकारमय बना दिया है और सरकार इस गंभीर समस्या से निपटने में पूरी तरह विफल रही है।
परीक्षा प्रणाली में अनियमितताओं पर चिंता
युवा कांग्रेस नेताओं ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) सहित कई महत्वपूर्ण परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक की घटनाओं ने छात्रों के भरोसे को कमज़ोर किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बार-बार परीक्षा रद्द होने और पेपर लीक की घटनाओं के कारण लाखों अभ्यर्थियों को न केवल मानसिक और शैक्षणिक बल्कि आर्थिक रूप से भी भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। नेताओं का कहना था कि इन परिस्थितियों के मद्देनजर, केंद्रीय शिक्षा मंत्री को अपनी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।
युवा कांग्रेस का आरोप है कि यह केवल किसी एक परीक्षा का मामला नहीं, बल्कि देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य और पूरी शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता का प्रश्न है। उन्होंने मांग की कि सरकार को परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए तत्काल ठोस कदम उठाने चाहिए।
पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों को रोकना
भाजपा मुख्यालय की ओर बढ़ रहे युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने कई संवेदनशील स्थानों पर बैरिकेडिंग कर सुरक्षा कड़ी कर दी थी। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कुछ जगहों पर धक्का-मुक्की की खबरें भी आईं। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए उन्हें हिरासत में भी लिया।
इस दौरान, युवा कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर छात्रों और युवाओं की आवाज को दबाने का प्रयास करने का आरोप लगाया। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक पेपर लीक की घटनाओं पर कठोर कार्रवाई नहीं होती और दोषियों को कड़ी सजा नहीं मिलती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
सरकार का पक्ष और भविष्य की मांगें
भाजपा की ओर से इन आरोपों पर पहले भी प्रतिक्रिया दी गई है, जिसमें कहा गया है कि सरकार परीक्षा प्रणाली को और अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। साथ ही, पेपर लीक के मामलों में दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है। हालांकि, विपक्ष का मानना है कि अब तक उठाए गए कदम पर्याप्त नहीं हैं और युवाओं का विश्वास बहाल करने के लिए ठोस राजनीतिक जवाबदेही भी तय की जानी चाहिए।
कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार से पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने तथा परीक्षा प्रणाली को पूर्णतः पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की मांग दोहराई। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि सरकार ने युवाओं की मांगों पर शीघ्रता से निर्णायक कदम नहीं उठाए तो आंदोलन को और अधिक व्यापक रूप दिया जाएगा।
