पटना में सड़क हादसे के बाद NH-30 पर बवाल, बसें फूंकीं, पुलिस पर पथराव
पटना सिटी में सड़क हादसे में युवक की मौत के बाद आक्रोशित भीड़ ने NH-30 जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने खाली बस समेत कई वाहनों में आग लगा दी और पुलिस पर पथराव किया।

द क्लिफ न्यूज़ | पटना | 7 अगस्त 2026
बिहार की राजधानी पटना में एक सड़क हादसे ने रविवार को शहर के अगमकुआं थाना क्षेत्र में गंभीर कानून व्यवस्था की स्थिति पैदा कर दी। इस हादसे में एक 27 वर्षीय युवक की दर्दनाक मौत के बाद आक्रोशित स्थानीय लोगों और ग्रामीणों की भीड़ ने राष्ट्रीय राजमार्ग-30 (NH-30) को जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने उग्र रूप धारण कर लिया, जिसके चलते एक खाली बस सहित कई वाहनों में आग लगा दी गई और पुलिस पर पथराव किया गया।
घटना की शुरुआत अगमकुआं थाना क्षेत्र के बड़ी और छोटी पहाड़ी चौराहा के पास तब हुई जब एक तेज रफ्तार वाहन ने 27 वर्षीय युवक को अपनी चपेट में ले लिया। घटनास्थल पर ही युवक की मृत्यु हो गई। इस घटना की खबर फैलते ही आसपास के ग्रामीण और स्थानीय निवासी बड़ी संख्या में मौके पर जमा हो गए। उन्होंने तत्काल न्याय की मांग करते हुए दोषी वाहन चालक के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
सड़क जाम और उग्र प्रदर्शन
शुरुआत में प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को उठाने का प्रयास किया। हालांकि, कुछ समय बाद भीड़ उग्र हो गई और उन्होंने NH-30 पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से ठप कर दी। देखते ही देखते स्थिति बिगड़ती चली गई। प्रदर्शनकारियों की भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने सड़क पर खड़े एक खाली बस सहित कई अन्य वाहनों को निशाना बनाया और उनमें आग लगा दी। वाहनों में तोड़फोड़ और आगजनी की इन घटनाओं से इलाके में भारी अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
पुलिस पर पथराव और सुरक्षा बल की तैनाती
हंगामे और हिंसा की सूचना मिलते ही पटना सिटी के वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने भीड़ को शांत करने और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। लेकिन, प्रदर्शनकारियों के एक वर्ग ने पुलिस बल पर पथराव करना शुरू कर दिया। इस अप्रत्याशित हमले के जवाब में, पुलिस को स्थिति को संभालने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल बुलाना पड़ा और पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।
यातायात व्यवस्था प्रभावित, प्रशासन की अपील
आगजनी और प्रदर्शन के कारण NH-30 पर दोनों दिशाओं में वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। कई घंटों तक यातायात पूरी तरह से ठप रहा। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद यातायात व्यवस्था को सामान्य करने का प्रयास शुरू किया। प्रशासन ने सभी नागरिकों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
पुलिस वर्तमान में इस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। हिंसा, आगजनी और तोड़फोड़ में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है और कानून व्यवस्था को बाधित करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया है। घटना के बाद क्षेत्र में उत्पन्न तनाव को देखते हुए पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती की गई है। प्रशासन हादसे के कारणों के साथ-साथ प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा की घटनाओं की भी विस्तृत जांच कर रहा है।
