पटना में छात्र-पुलिस झड़प: प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन
पटना में राजभवन मार्च के दौरान वामपंथी छात्र संगठनों और पुलिस के बीच झड़प हुई। छात्र पेपर लीक, परीक्षा प्रणाली में भ्रष्टाचार और नई शिक्षा नीति का विरोध कर रहे थे।

द क्लिफ न्यूज़ | पटना | 22 जुलाई 2026
बिहार की राजधानी पटना में बुधवार को अखिल भारतीय छात्र संघ (AISA) और अन्य वामपंथी छात्र संगठनों के आह्वान पर आयोजित राजभवन मार्च के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार हो रहे पेपर लीक, परीक्षा प्रणाली में कथित भ्रष्टाचार और नई शिक्षा नीति के विरोध में बड़ी संख्या में छात्र सड़कों पर उतरे।
सुबह पटना विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों का जमावड़ा शुरू हुआ, जिसके बाद वे राजभवन की ओर मार्च करने लगे। प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम करते हुए कई जगहों पर बैरिकेडिंग की थी और भारी पुलिस बल तैनात किया था। जब प्रदर्शनकारी छात्र बैरिकेड्स को पार कर आगे बढ़ने का प्रयास करने लगे, तो पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते धक्का-मुक्की और हल्की झड़प में बदल गई।
परीक्षा प्रणाली में अनियमितताओं पर छात्रों का आक्रोश
छात्र नेताओं ने आरोप लगाया कि देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रहे पेपर लीक और अनियमितताओं के कारण लाखों युवाओं का भविष्य अंधकारमय हो रहा है। उनका कहना था कि सरकार परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने, दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने और शिक्षा के बढ़ते निजीकरण पर अंकुश लगाने में पूरी तरह विफल साबित हुई है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने नई शिक्षा नीति की भी आलोचना करते हुए इसे छात्रों के हितों के प्रतिकूल बताया।
स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास में, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को पीछे हटने की चेतावनी दी। इसके बावजूद जब प्रदर्शन जारी रहा, तो पुलिस ने कुछ छात्र नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और संवेदनशील क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह आवश्यक कार्रवाई की गई।
यातायात प्रभावित, प्रशासन ने संभाला मोर्चा
इस मार्च और प्रदर्शन के कारण शहर के कई मुख्य मार्गों पर यातायात कुछ समय के लिए बाधित रहा। पुलिस ने वैकल्पिक मार्गों से वाहनों का आवागमन सुनिश्चित कर स्थिति को धीरे-धीरे सामान्य किया। दोपहर तक, प्रशासन ने दावा किया कि हालात पूरी तरह से नियंत्रण में हैं।
वहीं, छात्र संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो वे राज्यव्यापी आंदोलन को और अधिक तेज करेंगे। फिलहाल, शहर के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के साथ स्थिति शांतिपूर्ण बनी हुई है। प्रशासन घटनाक्रम पर कड़ी नजर बनाए हुए है।
