पश्चिम मध्य रेल: जुलाई में वैगन मरम्मत लक्ष्य पार, स्वदेशी नवाचारों से सुरक्षा सुदृढ़
पश्चिम मध्य रेल के यांत्रिक विभाग ने जुलाई 2026 में वैगन मरम्मत का लक्ष्य पार किया। कोटा में 590 वैगनों का ओवरहॉल हुआ। कोटा कोचिंग डिपो में दो उपयोगी स्वदेशी उपकरण विकसित किए गए हैं।

द क्लिफ न्यूज़ | जबलपुर | 25 अगस्त 2026
पश्चिम मध्य रेल, जबलपुर ने जुलाई 2026 माह में अपने यांत्रिक विभागों के माध्यम से सुरक्षित रेल परिचालन, उत्पादन क्षमता में वृद्धि और स्वदेशी नवाचारों को बढ़ावा देने की दिशा में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल की हैं। महाप्रबंधक और प्रमुख मुख्य यांत्रिक इंजीनियर के मार्गदर्शन में, विभाग ने न केवल वैगन अनुरक्षण में निर्धारित लक्ष्यों को पार किया, बल्कि कार्यशालाओं में उपयोगी स्वदेशी उपकरणों का विकास कर परिचालन की सुरक्षा को भी और सुदृढ़ बनाया है।
वैगन मरम्मत कारखाना, कोटा ने जुलाई 2026 के लिए 575 वैगनों के पीरियोडिक ओवरहॉलिंग (पीओएच) के लक्ष्य के मुकाबले 590 वैगनों का सफलतापूर्वक ओवरहॉल किया। यह निर्धारित लक्ष्य से 2.60 प्रतिशत अधिक की उपलब्धि है। ओवरहॉलिंग प्रक्रिया के दौरान, वैगनों के पहियों, ब्रेक गियर, अंडरफ्रेम और अन्य महत्वपूर्ण घटकों की गहन जांच और आवश्यक रखरखाव किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य परिचालन के दौरान संभावित तकनीकी खराबी को रोकना और रेल परिचालन की समग्र सुरक्षा एवं विश्वसनीयता में सुधार करना है।
वैगन एवं कोच अनुरक्षण में उल्लेखनीय प्रगति
वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान, जुलाई माह तक पश्चिम मध्य रेल ने कुल 2,349 वैगनों, 372 यात्री कोचों और 15 मेमू/ईएमयू वाहन इकाइयों का पीरियोडिक ओवरहॉलिंग (पीओएच) पूरा कर लिया है। भोपाल और कोटा स्थित रेल कारखानों में, मुख्य कारखाना प्रबंधकों के कुशल नेतृत्व में, कोच और वैगन अनुरक्षण का कार्य निरंतर उच्च गुणवत्ता मानकों के साथ जारी है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि ये महत्वपूर्ण परिचालन संपत्तियाँ सुरक्षित और विश्वसनीय बनी रहें।
कार्यशालाओं में स्वदेशी नवाचारों को प्रोत्साहन
यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए, कोटा कोचिंग डिपो के तकनीशियनों ने दो ऐसे उपयोगी स्वदेशी उपकरण विकसित किए हैं जो कोचिंग स्टॉक की गुणवत्ता और सुरक्षा को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। पहला उपकरण 'वाटर लीकेज टेस्ट अपरेटस' है। यह एक पोर्टेबल उपकरण है जिसे खड़े कोच पर स्थापित कर तेज वर्षा जैसी कृत्रिम स्थिति बनाई जाती है। इससे कोच की छत के जोड़ों, खिड़कियों और दरवाजों से संभावित जल रिसाव का प्रभावी ढंग से पता लगाया जा सकता है। इस उपकरण के उपयोग से कोच को सेवा में शामिल करने से पहले ही जल रिसाव संबंधी कमियों को दूर किया जा सकता है, जिससे यात्रियों को असुविधा से बचाया जा सके।
दूसरा महत्वपूर्ण नवाचार 'हैंड ब्रेक मैकेनिकल इंडिकेटर' है। यह उपकरण ट्रेन मैनेजर केबिन में लगाया जाता है और हैंड ब्रेक की स्थिति को 'ON/APPLIED' या 'OFF/RELEASED' के रूप में स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करता है। इससे ट्रेन के प्रस्थान करने से पहले हैंड ब्रेक की स्थिति की तत्काल पुष्टि हो जाती है। यह विशेष रूप से तब उपयोगी होता है जब गलती से हैंड ब्रेक लगी अवस्था में ट्रेन का संचालन शुरू होने की संभावना हो, जिससे इस प्रकार की खतरनाक स्थितियों को रोका जा सके।
दस दिवसीय सुरक्षा अभियान: व्यापक निरीक्षण और निवारण
रेलवे बोर्ड के निर्देशानुसार, पश्चिम मध्य रेल ने 7 जुलाई 2026 से एक दस दिवसीय सघन सुरक्षा अभियान का संचालन किया। इस अभियान के अंतर्गत, विशेष रूप से चलती ट्रेनों के वातानुकूलित (एसी) कोचिंग स्टॉक का गहन निरीक्षण किया गया। यांत्रिक विभाग ने विद्युत, वाणिज्य, परिचालन और सुरक्षा विभागों के साथ मिलकर काम किया। इस संयुक्त प्रयास के परिणामस्वरूप, तीनों मंडलों में कुल 89 अधिकारी-स्तरीय और 206 पर्यवेक्षक-स्तरीय निरीक्षण किए गए, जिनकी कुल संख्या 295 है। इन निरीक्षणों के दौरान पाई गई 156 खामियों का समयबद्ध तरीके से निराकरण सुनिश्चित किया गया, जिससे संभावित सुरक्षा जोखिमों को कम किया जा सके।
कर्मचारियों की सतर्कता से टलीं संभावित दुर्घटनाएँ
जुलाई माह के दौरान, पश्चिम मध्य रेल के समर्पित कर्मचारियों की सतर्कता और तत्परता ने चार ऐसी महत्वपूर्ण वैगन-संबंधित खामियों का समय रहते पता लगाने में मदद की, जिनसे बड़ी दुर्घटनाएँ घटित हो सकती थीं। इन खामियों में दो जाम ब्रेक ब्लॉक, एक हॉट एक्सल (जहाँ पहिये अधिक गरम हो जाते हैं) और वैगन-ट्रॉली का एक गुम हुआ पुर्जा शामिल था। इन गंभीर समस्याओं का समय पर पता लगने से प्रभावित ट्रेनों को रोककर आवश्यक मरम्मत कार्य तुरंत किए गए। कर्मचारियों की इस कर्तव्यनिष्ठा और त्वरित कार्रवाई की सराहना की गई और उन्हें उनकी सेवाओं के लिए सम्मानित भी किया गया।
पश्चिम मध्य रेल सुरक्षित और विश्वसनीय रेल परिचालन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए समयबद्ध अनुरक्षण, कार्यशाला स्तर पर निरंतर नवाचार और फील्ड स्तर पर कर्मचारियों की सक्रिय सतर्कता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यांत्रिक विभाग बेहतर अनुरक्षण और सतत निगरानी के माध्यम से यात्रियों को एक सुरक्षित, सुगम और विश्वसनीय रेल यात्रा अनुभव प्रदान करने के लिए अपने प्रयासों को जारी रखे हुए है।
