पास के बावजूद रोके गए भाजपा पदाधिकारी, सीएम योगी के स्वागत में नोकझोंक
फर्रुखाबाद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम में पास जारी होने के बावजूद भाजपा के तीन जिला पदाधिकारियों को सुरक्षा कारणों से रोके जाने पर पुलिस और नेताओं के बीच नोकझोंक हुई।

संवाददाता: संदीप तिवारी
द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 3 सितंबर 2026
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजामों के बीच एक अप्रत्याशित घटनाक्रम सामने आया। मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए पास जारी होने के बावजूद भाजपा के तीन जिला पदाधिकारियों को कार्यक्रम स्थल के पीछे बनाई गई गैलरी तक नहीं पहुंचने दिया गया। पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए उन्हें रोक दिया, जिससे पदाधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच नोकझोंक हुई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री के आगमन पर उनके स्वागत के लिए भाजपा जिला कमेटी के लगभग 33 पदाधिकारियों को मंच के पीछे स्थित गैलरी में उपस्थित रहना था। इसके लिए इन पदाधिकारियों को विशेष पास भी जारी किए गए थे। इन्हीं में से एक नाम भाजपा जिला उपाध्यक्ष अभिषेक वाथम, वीरेंद्र कठेरिया और अशनील दिवाकर का था। जब ये तीनों पदाधिकारी निर्धारित गैलरी में प्रवेश करने पहुंचे, तो वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोक दिया।
सुरक्षा कारणों से रोका गया प्रवेश
पदाधिकारियों ने अपने पास दिखाए और प्रवेश की अनुमति मांगी, लेकिन पुलिसकर्मियों ने यह कहते हुए इनकार कर दिया कि तीनों के खिलाफ मुकदमे दर्ज हैं। सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोपरि बताते हुए, पुलिस ने उन्हें गैलरी में प्रवेश की अनुमति देने से साफ मना कर दिया। पास होने के बावजूद रोके जाने पर भाजपा पदाधिकारियों ने आपत्ति जताई। इस दौरान सुरक्षाकर्मियों के साथ उनकी कहासुनी भी हुई, लेकिन सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें आगे नहीं बढ़ने दिया। अंततः, तीनों पदाधिकारियों को गैलरी के बाहर ही रुकना पड़ा।
संगठन स्तर पर मामले की गंभीरता
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से प्रस्थान करने के तुरंत बाद, भाजपा जिला कार्यालय, आवास विकास में पदाधिकारियों के साथ एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में भाजपा प्रदेश महामंत्री शंकर लाल लोधी और क्षेत्रीय अध्यक्ष रामकिशोर साहू भी शामिल हुए। बैठक के दौरान, मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए पास जारी होने के बावजूद तीन पदाधिकारियों को रोके जाने के मामले को प्रमुखता से उठाया गया। सूत्रों के अनुसार, इस प्रकरण को संगठन स्तर पर गंभीरता से लिया गया है।
प्रदेश महामंत्री शंकर लाल लोधी ने कहा कि इस मामले को लखनऊ में होने वाली संगठन की आगामी बैठक में उठाया जाएगा। वहीं, भाजपा जिलाध्यक्ष फतेहचंद वर्मा ने स्पष्ट किया कि रोके गए तीनों पदाधिकारियों के खिलाफ कोई गंभीर प्रकृति का मुकदमा दर्ज नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए वह स्वयं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर अपनी बात रखेंगे।
