पार्वती नदी पर 24 करोड़ का पुल बनेगा, नरसिंहगढ़-बैरसिया मार्ग सुगम होगा
नरसिंहगढ़ क्षेत्र में पार्वती नदी पर उच्चस्तरीय पुल निर्माण को 24 करोड़ रुपये की मंजूरी मिली है। इससे बैरसिया-रुनाहा-नरसिंहगढ़ मार्ग पर आवागमन सुगम होगा, जो...

नरसिंहगढ़ | संवाददाता: महेंद्र शर्मा
द क्लिफ न्यूज़ | नरसिंहगढ़ | 18 सितंबर 2026
भोपाल के नरसिंहगढ़ विधानसभा क्षेत्र में लंबे समय से आवागमन की बाधा का सामना कर रहे निवासियों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर आई है। बैरसिया–रुनाहा–नरसिंहगढ़ मार्ग पर पार्वती नदी के ऊपर एक उच्चस्तरीय पुल के निर्माण को आधिकारिक मंजूरी मिल गई है। इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए 24 करोड़ रुपये की लागत स्वीकृत की गई है, जिससे क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही आवागमन की गंभीर समस्याओं का स्थायी समाधान होने की उम्मीद है।
लोक निर्माण विभाग के मंत्री राकेश सिंह ने 2 सितंबर 2026 को नरसिंहगढ़ विधायक मोहन शर्मा को पत्र लिखकर इस स्वीकृति की जानकारी दी। इस मंजूरी से क्षेत्रवासियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि पुल के अभाव में यह मार्ग काफी समय से बाधित था।
आवागमन की बाधाओं का अंत
पार्वती नदी पर पुल न होने के कारण फोर-व्हीलर और दोपहिया वाहनों का आवागमन पूरी तरह ठप था। इसके चलते रुनाहा, बैरसिया, विदिशा और नजीराबाद जैसे क्षेत्रों का नरसिंहगढ़ से संपर्क कट गया था। स्थानीय लोगों को पुल के एक छोर तक ऑटो से आने और फिर पैदल नदी पार करके दूसरी तरफ बस पकड़ने जैसी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था। पुल की अनुपस्थिति ने शिक्षा, रोजगार और व्यापार जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर भी नकारात्मक प्रभाव डाला था, जिससे दैनिक जीवन की कठिनाइयां बढ़ गई थीं।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए स्वीकृत
लोक निर्माण विभाग ने इस निर्माण कार्य को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए स्वीकृत किया है। बरसात के मौसम में पार्वती नदी का जलस्तर बढ़ने पर स्थिति और भी विकट हो जाती थी, जिससे स्थानीय निवासियों को अत्यधिक परेशानियों का सामना करना पड़ता था। नए उच्चस्तरीय पुल के निर्माण से इन सभी समस्याओं का समाधान हो जाएगा और क्षेत्र के लोगों के लिए सुगम यातायात का नया मार्ग प्रशस्त होगा।
स्थानीय निवासियों ने इस महत्वपूर्ण विकास कार्य के लिए शासन और विधायक मोहन शर्मा के प्रति आभार व्यक्त किया है। इस परियोजना के पूरा होने से न केवल दैनिक जीवन की कठिनाइयां कम होंगी, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी गति मिलेगी।
