पार्थिव शिवलिंग निर्माण: डॉ. अनिल त्रिपाठी ने भिण्ड में भक्तों को किया प्रेरित
भिण्ड के कुण्डेश्वर धाम में पार्थिव शिवलिंग निर्माण महारुद्र कार्यक्रम में शामिल हुए डॉ. अनिल त्रिपाठी। उन्होंने भक्तों को इस अनुष्ठान के महत्व से अवगत कराया और राष्ट्र कल्याण की कामना की।

द क्लिफ न्यूज़ | भिण्ड | 21 अगस्त 2026
भिण्ड स्थित कुण्डेश्वर धाम उदासीन आश्रम में श्रावण मास के उपलक्ष्य में आयोजित पार्थिव शिवलिंग निर्माण महारुद्र कार्यक्रम एवं अखण्ड 'ॐ नमः शिवाय' जाप में शुक्रवार को पं. देवप्रभाकर शास्त्री 'दद्दाजी' के ज्येष्ठ पुत्र एवं गृहस्थ संत डॉ. अनिल त्रिपाठी ने विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने उपस्थित शिव भक्तों को आशीर्वाद प्रदान किया और पार्थिव शिवलिंग निर्माण के आध्यात्मिक महत्व पर विस्तृत प्रकाश डाला।
डॉ. त्रिपाठी ने अपने संबोधन में भक्तों द्वारा किए जा रहे इस कार्य को 'संसार का सबसे उत्तम कार्य' बताया। उन्होंने स्मरण कराया कि दद्दाजी ने राष्ट्र और विश्व कल्याण के उद्देश्य से संपूर्ण भारतवर्ष में 135 महारुद्र यज्ञ और महारुद्र अभिषेक संपन्न कराए थे, जिनके माध्यम से करोड़ों पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण हुआ। डॉ. अनिल त्रिपाठी ने कहा कि आज दद्दाजी से प्रेरणा लेकर यहां उपस्थित भक्तगण भी यह पुण्य कार्य कर रहे हैं, जो एक सौभाग्य की बात है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह भजन, पूजन और अभिषेक सभी प्रकार की दरिद्रता एवं कष्टों का निवारण करता है, और पार्थिव शिवलिंग निर्माण करने वाले को स्वतः ही शिव भक्ति प्राप्त हो जाती है।
कुण्डेश्वर मंदिर में स्वागत एवं आगामी चर्चा
कुण्डेश्वर मंदिर के पुजारी विजय महाराज ने शॉल, श्रीफल और पुष्पमाला पहनाकर डॉ. अनिल त्रिपाठी का हार्दिक स्वागत किया। कार्यक्रम के पश्चात, डॉ. त्रिपाठी ने बिहारी बाल मंदिर के संचालक राजेश शर्मा के निवास पर पहुंचकर 22 अगस्त से पोरसा में आयोजित होने वाली यज्ञ की तैयारियों पर विस्तृत चर्चा की। इस अवसर पर दद्दाजी शिष्य मंडल भिण्ड के सदस्य वीरेंद्र चौधरी, शैलेंद्र राजौरिया, दिनेश सिंह राजवत, शिवदत्त शर्मा, कमलकिशोर शर्मा, पवन भदौरिया सहित अनेक भक्तगण उपस्थित रहे, जिन्होंने इस आध्यात्मिक अवसर की शोभा बढ़ाई।
