परीक्षा अनियमितताओं पर कांग्रेस का प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने 7 लोक कल्याण मार्ग के बाहर केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने परीक्षा पेपर लीक और अनियमितताओं पर मंत्री से इस्तीफे की मांग की।

द क्लिफ न्यूज़ | नई दिल्ली | 21 जुलाई 2026
नई दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास 7, लोक कल्याण मार्ग के बाहर कांग्रेस पार्टी ने एक बड़ा धरना-प्रदर्शन आयोजित किया है। पार्टी के कार्यकर्ता और नेता केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शन का मुख्य कारण देश भर में प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आई अनियमितताएं, पेपर लीक की घटनाएं और इसके चलते लाखों छात्रों के प्रभावित भविष्य को लेकर चिंता है।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में बार-बार गड़बड़ियां सामने आई हैं। पार्टी का कहना है कि इन घटनाओं की नैतिक जिम्मेदारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री को लेनी चाहिए और उन्हें अविलंब अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और परीक्षा प्रणाली में पूर्ण पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।
परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग
कांग्रेस का मानना है कि युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं है। पार्टी ने सरकार से पेपर लीक की घटनाओं पर ठोस कार्रवाई करने का आग्रह किया है। कांग्रेस नेताओं के अनुसार, केवल जांच की घोषणा पर्याप्त नहीं है, बल्कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार और प्रभावित छात्रों को न्याय दिलाना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। पार्टी ने इस बात पर भी जोर दिया कि लगातार हो रही अनियमितताओं के कारण युवाओं का सरकारी भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं पर से भरोसा कम हुआ है।
सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, यातायात प्रबंधन
प्रधानमंत्री आवास के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। दिल्ली पुलिस ने इस प्रदर्शन को देखते हुए क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की है। यातायात को सामान्य बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए भी आवश्यक प्रबंध किए गए हैं। कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि जब तक छात्रों के हितों की रक्षा नहीं होती और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे इस मुद्दे को सड़क से लेकर संसद तक उठाना जारी रखेंगे।
