ऑपरेशन मुस्कान: एमपी पुलिस ने 10 दिनों में 13 नाबालिगों को सुरक्षित लौटाया
मध्यप्रदेश पुलिस ने 'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत 10 दिनों में 13 नाबालिगों को बचाया। ये बच्चे महाराष्ट्र, गुजरात और उत्तर प्रदेश से दस्तयाब किए गए।

द क्लिफ न्यूज़ | 11 अगस्त 2026
पुलिस मुख्यालय, मध्यप्रदेश*
*जनसंपर्क कक्ष*
समाचार
ऑपरेशन मुस्कान : मध्यप्रदेश पुलिस ने 10 दिनों में 13 नाबालिगों को सकुशल दस्तयाब कर परिजनों से मिलाया
महाराष्ट्र, गुजरात और उत्तर प्रदेश तक पहुंची मध्यप्रदेश पुलिस की टीमें
परिवारों के चेहरों पर लौटी मुस्कान
भोपाल, 11 अगस्त 2026। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा गुमशुदा एवं अपहृत नाबालिग बालक-बालिकाओं की सकुशल दस्तयाबी एवं उन्हें उनके परिजनों से मिलाने के लिए चलाए जा रहे “ऑपरेशन मुस्कान” के तहत विगत 10 दिनों में प्रदेश के विभिन्न जिलों में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई करते हुए 13 नाबालिग बालक-बालिकाओं को सकुशल दस्तयाब कर उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया है। पुलिस टीमों ने तकनीकी साक्ष्यों, साइबर सेल की सहायता, मोबाइल एवं टावर लोकेशन तथा लगातार किए गए मैदानी प्रयासों के माध्यम से प्रदेश के साथ-साथ महाराष्ट्र, गुजरात एवं उत्तर प्रदेश तक पहुंचकर नाबालिगों को सुरक्षित वापस लाने में सफलता प्राप्त की।
यह अभियान, जो हाल ही में संपन्न हुआ है, बच्चों की सुरक्षा और उनकी तत्काल बरामदगी के प्रति मध्य प्रदेश पुलिस की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। ऑपरेशन मुस्कान का उद्देश्य केवल बच्चों को खोजना ही नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित वातावरण में उनके परिवार के पास लौटाना है, ताकि वे समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें और अपने भविष्य को सुरक्षित कर सकें। इन 10 दिनों की सफलता यह भी दर्शाती है कि आधुनिक तकनीक और पारंपरिक पुलिसिंग का संगम कितना प्रभावी हो सकता है।
कटनी पुलिस — महाराष्ट्र एवं गुजरात तक पहुंचकर 03 नाबालिग बालिकाओं को खोजा
कटनी पुलिस ने 'ऑपरेशन मुस्कान' के अंतर्गत अपनी सक्रियता दिखाते हुए कुल 03 नाबालिग बालिकाओं को सकुशल दस्तयाब करने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की। थाना एन.के.जे. पुलिस ने एक अपहृत नाबालिग बालिका का पता लगाने के लिए मुंबई, महाराष्ट्र तक अपनी टीम भेजी। साइबर सेल की सहायता और सटीक टावर लोकेशन के आधार पर, पुलिस ने बालिका को मुंबई से सकुशल बरामद कर लिया और उसे उसके परिजनों के सुपुर्द किया। इस प्रकरण में, त्वरित कार्रवाई करते हुए, आरोपी को भी गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जो कानून के प्रति पुलिस की गंभीरता को दर्शाता है।
इसी प्रकार, थाना बरही पुलिस ने भी अपनी सक्रियता दिखाते हुए गुजरात के मोरबी शहर से एक अपहृत बालिका को सकुशल दस्तयाब किया। यह मामला, दूरस्थ राज्य में भी बच्चों की तलाश में पुलिस की क्षमता और पहुँच को रेखांकित करता है। इसके अतिरिक्त, थाना कोतवाली पुलिस ने एक माह से लापता चल रही एक नाबालिग बालिका को जबलपुर के ग्वारीघाट क्षेत्र से सकुशल खोज निकाला। इन तीनों मामलों में, पुलिस की अथक मेहनत और विभिन्न माध्यमों के उपयोग ने बिछड़े हुए बच्चों को उनके परिवारों से मिलाने का नेक कार्य संभव किया, जिससे परिजनों में खुशी की लहर दौड़ गई।
देवास पुलिस — 05 नाबालिग बालिकाओं को सकुशल परिजनों से मिलाया
देवास पुलिस ने 'ऑपरेशन मुस्कान' के माध्यम से अपने जिले में उत्कृष्ट कार्य का प्रदर्शन किया है, जहाँ उन्होंने कुल 05 अपहृत नाबालिग बालिकाओं को सकुशल दस्तयाब कर उन्हें उनके परिवारों से मिलाया है। इन 05 बालिकाओं में से, दो नाबालिग बालिकाओं को पिछले 24 घंटों के भीतर ही सुरक्षित वापस लाने में पुलिस को अभूतपूर्व सफलता मिली। यह विशेष रूप से उल्लेखनीय है क्योंकि इससे बच्चों के अपहरण या गुम होने की घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई की महत्ता साबित होती है।
देवास पुलिस की टीमों ने प्रदेश के अन्य जिलों में भी अपनी पहुँच बनाई। इनमें से एक अपहृत नाबालिग बालिका को जिला इंदौर से, एक अन्य बालिका को खरगोन जिले के बड़वाह से, और एक तीसरी नाबालिग बालिका को शाजापुर जिले के अकोदिया से सकुशल बरामद किया गया। इन बरामदगियों के लिए पुलिस ने विभिन्न स्रोतों से प्राप्त जानकारी का उपयोग किया और जमीनी स्तर पर लगातार खोजबीन जारी रखी। इन पांचों मामलों में बच्चों को सकुशल उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया, जिससे उनके परिवारों को बड़ी राहत मिली और बच्चों के चेहरे पर फिर से मुस्कान लौट आई।
सिंगरौली-पुलिस ने उत्तर प्रदेश से 16 वर्षीय बालिका को सुरक्षित वापस लाया
सिंगरौली जिले की पुलिस ने 'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय राज्य की सीमा के पार जाकर सफलता हासिल की है। थाना बरगवां पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और अत्यंत त्वरित कार्रवाई के आधार पर, एक गुम हुई 16 वर्षीय नाबालिग बालिका को उत्तर प्रदेश के अनपरा क्षेत्र से सकुशल दस्तयाब किया। यह मामला दर्शाता है कि मध्य प्रदेश पुलिस न केवल अपने राज्य की सीमाओं के भीतर, बल्कि पड़ोसी राज्यों में भी बच्चों की सुरक्षा के लिए तत्पर है।
बालिका को सुरक्षित वापस लाने के बाद, उसे उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। इस सफलता ने न केवल एक परिवार को अत्यंत खुशी प्रदान की, बल्कि यह भी साबित किया कि आधुनिक तकनीक और समर्पित पुलिस प्रयासों के माध्यम से ऐसे जटिल मामलों को भी सुलझाया जा सकता है। यह घटना उन लोगों के लिए एक चेतावनी भी है जो नाबालिगों को नुकसान पहुँचाने की कोशिश करते हैं, क्योंकि मध्य प्रदेश पुलिस ऐसे मामलों में अत्यंत सजग और प्रभावी कार्रवाई करने में सक्षम है।
राजगढ़-पुलिस ने 72 घंटे में गुजरात से नाबालिग बालिका को दस्तयाब किया
राजगढ़ पुलिस ने 'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत दो नाबालिगों को सफलतापूर्वक दस्तयाब कर उनकी बरामदगी सुनिश्चित की। विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि थाना कोतवाली पुलिस ने एक अपहृत नाबालिग बालिका को गुजरात के अहमदाबाद शहर से महज 72 घंटे के भीतर सकुशल दस्तयाब कर लिया। यह त्वरित कार्रवाई बच्चों के अपहरण के मामलों में समय के महत्व को रेखांकित करती है और पुलिस की प्रभावशीलता को दर्शाती है। इस मामले में, आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है, जो आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
इसके अतिरिक्त, थाना लीमाचौहान पुलिस ने भी अपनी त्वरित कार्रवाई के माध्यम से 17 वर्षीय एक अपहृत नाबालिग बालक को सकुशल दस्तयाब किया। इन दोनों मामलों में, पुलिस ने सूचना तंत्र, तकनीकी सहायता और जमीनी स्तर पर खोजबीन का प्रभावी ढंग से उपयोग किया। यह सफलताएं दिखाती हैं कि राजगढ़ पुलिस बाल संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी को कितनी गंभीरता से ले रही है और विभिन्न राज्यों में फैले ऐसे अपराधों से निपटने में कितनी सक्षम है।
सीहोर — भैरूंदा पुलिस ने तत्परता से गुमशुदा बालिका को खोजा
सीहोर जिले की थाना भैरूंदा पुलिस ने 'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत एक गुमशुदा नाबालिग बालिका को खोजने में अपनी तत्परता और प्रभावी कार्रवाई का परिचय दिया। पुलिस को जैसे ही बालिका के गुम होने की सूचना मिली, उन्होंने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी। गहन खोजबीन और उपलब्ध संसाधनों के उपयोग से, पुलिस ने जल्द ही बालिका का पता लगा लिया और उसे सकुशल बरामद कर लिया।
बालिका को सुरक्षित उसके परिजनों के सुपुर्द करने की कार्रवाई ने एक बार फिर यह साबित किया कि मध्य प्रदेश पुलिस बच्चों की सुरक्षा और उनकी घर वापसी को कितनी प्राथमिकता देती है। यह घटना उन परिवारों के लिए आशा की किरण है जिनके बच्चे कभी गुम हो जाते हैं, क्योंकि यह दर्शाता है कि पुलिस उनकी मदद के लिए हमेशा मौजूद है और हर संभव प्रयास करती है।
गुना-इंदौर से अपहृत नाबालिग बालिका को सकुशल दस्तयाब किया
गुना जिले की पुलिस ने भी 'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जिले के थाना मधुसूदनगढ़ पुलिस ने गुमशुदा और अपहृत नाबालिगों की दस्तयाबी के लिए चलाए जा रहे निरंतर प्रयासों के तहत, थाना क्षेत्र से अपहृत एक नाबालिग बालिका को मध्य प्रदेश के एक अन्य प्रमुख शहर इंदौर से सकुशल दस्तयाब किया। यह बरामदगी पुलिस के व्यवस्थित और समन्वित प्रयासों का परिणाम है, जिसमें सूचनाओं का प्रभावी ढंग से आदान-प्रदान और उपयोग शामिल था।
बालिका को सुरक्षित उसके परिवार से मिलाना, केवल एक पुलिसिया कार्रवाई नहीं, बल्कि एक मानवीय विजय है। यह घटना इस बात पर प्रकाश डालती है कि 'ऑपरेशन मुस्कान' केवल एक अभियान मात्र नहीं है, बल्कि यह एक ऐसी पहल है जो समाज में बच्चों के लिए एक सुरक्षित वातावरण बनाने की दिशा में काम कर रही है। गुना पुलिस की इस सफलता से उन परिवारों को राहत मिली है जो अपनी बच्चियों की सुरक्षा को लेकर चिंतित थे।
मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा गुमशुदा एवं अपहृत नाबालिग बालक-बालिकाओं की दस्तयाबी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। 'ऑपरेशन मुस्कान' के माध्यम से पुलिस टीमें न केवल तकनीकी एवं साइबर संसाधनों का प्रभावी ढंग से उपयोग कर रही हैं, बल्कि मैदानी स्तर पर भी निरंतर प्रभावी कार्रवाई कर रही हैं। यह एक समन्वित प्रयास है जिसका अंतिम लक्ष्य हर बच्चे को सुरक्षा प्रदान करना और उन्हें उनके प्रियजनों से मिलाना है। यह ऑपरेशन राज्य में बाल संरक्षण के प्रति पुलिस के समर्पण और संकल्प का प्रतीक है, और भविष्य में भी इसी तरह की सफलताएं मिलने की उम्मीद है।
*क्रमांक-557/26 राजेश दाहिमा*
