ऑपरेशन मुस्कान: भिंड पुलिस ने बस स्टैंड से बिछड़ी बालिका को परिजनों से मिलाया
भिंड पुलिस ने 'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत बस स्टैंड पर अकेली मिली दस वर्षीय बालिका को सुरक्षित उसके माता-पिता से मिलवाया। बच्ची की पहचान और...

भिण्ड | संवाददाता: दीपेंद्र बौहरे
द क्लिफ न्यूज़ | 27 अक्टूबर 2026
भिंड पुलिस ने 'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत सराहनीय कार्य करते हुए बस स्टैंड पर अकेले बैठी एक दस वर्षीय बालिका को सुरक्षित उसके परिजनों से मिलवाया है। यह घटना पुलिस की तत्परता और मानवीय संवेदनशीलता को दर्शाती है। इस कार्रवाई से पुलिस के प्रति जनता का विश्वास और सुदृढ़ हुआ है।
सोमवार को भिंड बस स्टैंड पर एक दस वर्षीय बालिका अकेली बैठी मिली, जिसने पुलिस को अपनी पहचान बताई। सूचना मिलते ही देहात थाना प्रभारी निरीक्षक शिवप्रताप सिंह राजावत के नेतृत्व में एक पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और बालिका को अपने संरक्षण में लिया। प्रारंभिक पूछताछ में बालिका ने अपना पता उत्तर प्रदेश के उरई में कबूतर डेरा, उमरार खेड़ा बताया।
अन्तर्राज्यीय समन्वय से मिली सफलता
बालिका से प्राप्त जानकारी के आधार पर, भिंड पुलिस ने बिना देरी किए उत्तर प्रदेश के उरई कोतवाली और बस स्टैण्ड चौकी से संपर्क साधा। उरई पुलिस द्वारा की गई जांच में यह पता चला कि बालिका के परिजन वर्तमान में भिंड में ही एक किराए के मकान में रह रहे हैं। इस जानकारी के बाद, भिंड पुलिस ने बालिका को साथ लेकर संबंधित क्षेत्र में तलाश शुरू की।
खोजबीन के दौरान, बालिका ने अपने किराए के मकान की पहचान कर ली। इसके पश्चात, पुलिस ने विधिवत रूप से बालिका को उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया। अपनी बेटी को सुरक्षित देखकर उसके पिता की आँखें नम हो गईं और उन्होंने उसे स्नेह से गले लगा लिया। यह सफल रेस्क्यू ऑपरेशन पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार वर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रदीप पटेल और सीएसपी निरंजन सिंह राजपूत के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
'ऑपरेशन मुस्कान' का उद्देश्य
इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन में निरीक्षक शिवप्रताप सिंह राजावत के साथ प्रधान आरक्षक मुकेश खण्डेलवाल, गुरूदास सोही, आरक्षक ज्ञानेन्द्र मिश्रा, आदित्य चौहान, रणजीत सेंगर, मनोज वैस, दीपक पाण्डेय, कुलसुमन भदौरिया और सैनिक रमेश बघेल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 'ऑपरेशन मुस्कान' के अंतर्गत पुलिस लगातार गुमशुदा बच्चों को उनके परिवारों तक पहुँचाने के लिए सक्रिय है, और इस घटना ने एक बार फिर इस मिशन की सफलता को साबित किया है।
